महिलाओं की आर्थिक मजबूती को लेकर सरकारें लगातार नई पहल कर रही हैं। केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर ऐसी योजनाएं चला रही हैं, जिनका मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। इसी कड़ी में Goa सरकार की गृह आधार योजना एक अहम कदम मानी जा रही है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है।
हर महीने 10 तारीख को सीधे खाते में राशि
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये की सहायता राशि हर महीने की 10 तारीख को सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। पहले कुछ मामलों में भुगतान में देरी की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने विशेष कैंप लगाकर दस्तावेजों की जांच की और समस्याओं का समाधान किया। अब तय समयसीमा के साथ भुगतान की प्रक्रिया को व्यवस्थित कर दिया गया है।
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योजना की शुरुआत और उद्देश्य
गृह आधार योजना की शुरुआत साल 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री Manohar Parrikar द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य घर की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग प्रदान करना था, ताकि वे घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें। समय के साथ इस योजना का दायरा बढ़ा और बड़ी संख्या में महिलाएं इससे जुड़ीं। सरकार का मानना है कि सीधे खाते में धनराशि भेजने से पारदर्शिता भी बनी रहती है।
मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश
वर्तमान मुख्यमंत्री Pramod Sawant ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी पात्र महिला का भुगतान लंबित न रहे। उन्होंने साफ कहा है कि योजना का लाभ समय पर मिलना चाहिए ताकि जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा मिल सके। इसी निर्देश के बाद भुगतान की निश्चित तारीख तय की गई है। सरकार का दावा है कि इस कदम से लाभार्थियों का भरोसा और मजबूत होगा।
किन महिलाओं को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ तय पात्रता शर्तें हैं। आवेदन करने वाली महिला की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह विवाहित हो। साथ ही, उसका गोवा में स्थायी रूप से निवास करना अनिवार्य है और वह पिछले 15 वर्षों से राज्य में रह रही हो। आर्थिक मानदंड के तहत महिला और उसके पति की संयुक्त वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इन सभी शर्तों को पूरा करने पर ही योजना का लाभ दिया जाता है, ताकि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंच सके।