गोवा के चर्चित नाइटक्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ अग्निकांड मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा को थाईलैंड में हिरासत में ले लिया गया है, जिसकी पहली तस्वीर भी सामने आई है। दोनों को इंटरपोल की ब्लू कॉर्नर कार्रवाई और पासपोर्ट निलंबन के बाद पकड़ा गया। वहीं भारत में प्रशासन अब उन्हें देश वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया तेज कर चुका है। पूरा मामला नए मोड़ पर आ गया है।
थाईलैंड में हिरासत, हाथ बंधे दिखे दोनों भाई
थाईलैंड पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए सौरभ और गौरव लूथरा की तस्वीर में दोनों भाई हाथ बंधे हुए और पासपोर्ट पकड़े दिखाई दे रहे हैं। यह कार्रवाई इंटरपोल ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद की गई। अधिकारियों के अनुसार, पासपोर्ट निलंबित किए जाने के बाद दोनों का मूवमेंट सीमित हो गया था, जिसके चलते थाईलैंड पुलिस को उन्हें पकड़ने में आसानी हुई।
जमानत सुनवाई में दिया गया यह तर्क
ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान लूथरा ब्रदर्स की ओर से पेश हुए वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल भाग नहीं रहे थे। उनके अनुसार, दोनों केवल एक बिज़नेस मीटिंग के लिए थाईलैंड गए थे और इसका अग्निकांड से संवंधित जांच से बचने से कोई संबंध नहीं है। हालांकि जांच एजेंसियां उनके इस तर्क को स्वीकार करने के मूड में नहीं दिख रही हैं।
भारत लाने की तैयारियां तेज, हाई लेवल मीटिंग की संभावना
लूथरा ब्रदर्स की गिरफ्तारी के बाद गोवा प्रशासन सक्रिय हो गया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार किसी भी समय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग कर सकती है, जिसमें डिपोर्टेशन प्रक्रिया और भारत लाए जाने के बाद आगे की कार्रवाई पर रणनीति तय होगी। आगजनी मामले में दोनों पर गंभीर आरोप हैं और पुलिस उन्हें जल्द से जल्द गोवा लाने की तैयारी में है।
सह-मालिक से भी पूछताछ, लुकआउट नोटिस के बाद पकड़ा गया
इसी मामले में क्लब के सह-मालिक अजय गुप्ता को भी दिल्ली में पूछताछ के लिए लाया गया। वह घटना के बाद से जांच से बचता फिर रहा था। पुलिस को पहले दिल्ली में उसे खोजने में सफलता नहीं मिली, जिसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि आगजनी से जुड़े हर पक्ष और साझेदार की भूमिका की विस्तृत जांच जारी है।