नोएडा। गोदरेज गोल्फ लिंक्स क्रेस्ट के 100 से ज्यादा विला मालिकों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को याचिका देकर गोदरेज क्राउन रेजिडेंस प्रोजेक्ट के निर्माण पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने इसे नोएडा के ट्विन टॉवर जैसा मामला बताते हुए ग्रीन एरिया में बदलाव कर टॉवर बनाने का गम्भीर आरोप लगाया है।
गोदरेज गोल्फ क्रेस्ट रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव भारत भूषण तिवारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि डेवलपर मूल स्वीकृत योजना बदलकर विला मालिकों के निजी खुले इलाकों और हरे-भरे क्षेत्रों में ऊंची इमारतें बना रहा है।निवासियों ने याचिका में आरोप लगाया कि फेज-4 में प्रस्तावित निर्माण उनके खास उपयोग वाले लॉन, खुले मैदान और हरा-भरा क्षेत्र पर हो रहा है। यह जमीन मूल रूप से केवल घर मालिकों के उपयोग के लिए रखी गई थी, लेकिन कंपनी ने इसे गलत तरीके से सार्वजनिक क्षेत्र बताकर मंजूरी हासिल की। विला मालिकों का कहना है कि घर खरीदते समय जो नक्शा, ब्रोशर और रेरा दस्तावेज दिखाए गए थे, उनमें 25 मंजिला ऊंची इमारतों का कोई जिक्र नहीं था। उन्होंने स्वीकृत योजना और कानूनी वादों पर भरोसा करके भारी निवेश किया था।
मुख्य आरोप
जहां पहले बड़ा प्रवेश द्वार और हाई स्ट्रीट बाजार बनाने की योजना थी, वहां अब 25 मंजिला टावर बनाए जा रहे हैं।
इससे प्राकृतिक रोशनी, खुलापन और हरा-भरा माहौल पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
कुछ सहमति पत्र आधी-अधूरी जानकारी देकर लिए गए और प्राधिकरण को गुमराह किया गया।
ब्रोशर, रेरा कागजात और वास्तविक योजना में बड़े अंतर हैं।
भारत भूषण तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण से मांग की गई है कि विवादित जगह को जैसा है वैसा ही रखा जाए, किसी बाहरी व्यक्ति को अधिकार न दिए जाएं और मूल तथा नई योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने बताया कि यह मामला पहले से ही उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) और अन्य मंचों पर चल रहा है। इसलिए अंतिम फैसला आने तक सभी निर्माण कार्य और नई मंजूरियां रोक दी जाएं। विला मालिकों का कहना है कि प्राधिकरण की जिम्मेदारी है कि उनके हितों की रक्षा की जाए। अब इस याचिका पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी नजरें हैं।