सोना बेचने के लिए अब न तो ज्वेलर की दुकान पर लाइन लगाने की जरूरत है और न ही घंटों मोलभाव करने की झंझट। देश में पहली बार एक ऐसी स्वचालित सोना लेनदेन मशीन शुरू की गई है, जो कुछ ही मिनटों में पुराने सोने की सही कीमत तय कर पैसा सीधे खाते में भेज देती है। यह सुविधा सबसे पहले हैदराबाद शहर में शुरू हुई है। इस नई व्यवस्था से उन लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है, जो जरूरत के समय अपना सोना बेचने में होने वाली देरी और परेशानी से परेशान रहते थे।
दुकान के चक्कर से मिलेगी राहत
अब तक सोने के गहने या सिक्के बेचने के लिए लोगों को कई दुकानों पर जाना पड़ता था। पहले शुद्धता जांच होती थी, फिर वजन तौला जाता था और उसके बाद कीमत तय करने में काफी वक्त लगता था। कई बार पूरा दिन इसी काम में निकल जाता था। नई मशीन से यह पूरी प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है। यहां न तो किसी कर्मचारी से बात करने की जरूरत है और न ही किसी तरह का मोलभाव करना पड़ता है।
कैसे काम करती है यह मशीन
इस मशीन में जैसे ही ग्राहक अपना सोना डालता है, मशीन तुरंत उसे पिघलाने की प्रक्रिया शुरू कर देती है। आधुनिक तकनीक की मदद से सोने की शुद्धता और वजन अपने आप जांच लिया जाता है। इसके बाद उसी समय चल रहे सोने के भाव के अनुसार कीमत तय होती है। पूरी जानकारी स्क्रीन पर साफ दिखाई देती है, ताकि ग्राहक को हर कदम समझ में आ सके।

ये भी पढ़ें : गणतंत्र दिवस पर Delhi में बदली व्यवस्था, Metro से पार्किंग तक तकनीक से होगा आसान सफर
सीधे खाते में पहुंचता है पैसा
जब सोने की कीमत तय हो जाती है, तो अंतिम रकम सीधे ग्राहक के बैंक खाते में भेज दी जाती है। पूरी प्रक्रिया में लगभग तीस मिनट का समय लगता है। इसमें किसी तरह के कागजी काम या नकद लेनदेन की जरूरत नहीं होती। इससे न सिर्फ समय बचता है, बल्कि लेनदेन पूरी तरह पारदर्शी भी रहता है। लोगों को अब इस बात की चिंता नहीं करनी पड़ेगी कि कहीं उन्हें कम कीमत तो नहीं मिल रही।
सिक्के खरीदने और गहने देखने की सुविधा
यह मशीन केवल सोना बेचने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए ग्राहक आधा ग्राम से लेकर सौ ग्राम तक के सोने के सिक्के भी खरीद सकते हैं। इसके साथ ही एक खास सुविधा यह भी है कि ग्राहक आभासी तकनीक के जरिए यह देख सकते हैं कि अलग-अलग गहने उन पर कैसे दिखेंगे। यह मशीन दिन और रात किसी भी समय इस्तेमाल की जा सकती है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस पूरी व्यवस्था में सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है। लेनदेन से पहले ग्राहक की पहचान की पुष्टि की जाती है। सिस्टम संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखता है। अगर किसी तरह की गड़बड़ी या गलत इस्तेमाल की आशंका होती है, तो लेनदेन तुरंत रोक दिया जाता है। कुल मिलाकर यह नई मशीन सोना बेचने और खरीदने के तरीके को पूरी तरह बदलने जा रही है और आने वाले समय में दूसरे शहरों में भी इसके शुरू होने की उम्मीद है।