चैम्बर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीदने को लेकर की गई अपील पर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि इस बयान के बाद देशभर की ज्वेलरी इंडस्ट्री में डर और असमंजस का माहौल बन गया है। सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा है ताकि कारोबार पर पड़ने वाले असर की पूरी जानकारी दी जा सके। ज्वेलरी व्यापारियों का कहना है कि बाजार में पहले ही अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
पीएम मोदी की अपील से बढ़ी चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई 2026 को हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, विदेशी निर्भरता घटाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की बात कही थी। हालांकि इस बयान के बाद ज्वेलरी कारोबारियों के बीच चिंता तेजी से बढ़ गई। व्यापारियों का कहना है कि आम लोग अब खरीदारी को लेकर असमंजस में हैं। कई शहरों में ग्राहकों ने सोने की बुकिंग रोक दी है जिससे बाजार में सुस्ती का माहौल देखने को मिल रहा है।
शादी सीजन पर पड़ सकता असर
सीटीआई का कहना है कि यह अपील ऐसे समय आई है जब देश में शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है। भारत में शादियों के दौरान सोना खरीदना सिर्फ परंपरा नहीं बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा का हिस्सा माना जाता है। व्यापारियों का कहना है कि अगर लोग खरीदारी टालने लगे तो छोटे दुकानदारों और कारीगरों पर सीधा असर पड़ेगा। संगठन ने आशंका जताई है कि गहनों की मांग में भारी गिरावट आने से हजारों सुनारों और कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। बाजार में नकदी का प्रवाह भी कमजोर पड़ सकता है।
रोजगार और कारोबार पर खतरा
सीटीआई महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा ने कहा कि भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं बल्कि संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। उनका कहना है कि लंबे समय तक बिक्री प्रभावित रही तो छोटे व्यापारियों के लिए कर्मचारियों को वेतन देना मुश्किल हो जाएगा। इससे छंटनी की नौबत भी आ सकती है। संगठन के मुताबिक भारत हर साल करीब 700 से 800 टन सोने की खपत करता है लेकिन मौजूदा हालात में इसमें बड़ी गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है।
शेयर बाजार में दिखा असर
प्रधानमंत्री की अपील के बाद शेयर बाजार में भी असर दिखाई दिया। ज्वेलरी सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। Titan Company, Kalyan Jewellers और Senco Gold जैसी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली बढ़ गई। निवेशकों को डर है कि अगर सोने की मांग घटी तो कंपनियों की बिक्री और मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा। बाजार विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में ज्वेलरी सेक्टर में अस्थिरता बढ़ सकती है।
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पीएम से संवाद की तैयारी
सीटीआई ने साफ कहा है कि वह जल्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर ज्वेलरी कारोबार की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा करेगा। संगठन का मानना है कि सरकार और कारोबारियों के बीच संवाद बेहद जरूरी है ताकि व्यापार और रोजगार दोनों को सुरक्षित रखा जा सके। व्यापारियों का कहना है कि आर्थिक आत्मनिर्भरता जरूरी है लेकिन इसके साथ लाखों लोगों के रोजगार और कारोबार को भी ध्यान में रखना होगा। फिलहाल पूरे सर्राफा बाजार की नजर अब सरकार के अगले कदम और संभावित स्पष्टीकरण पर टिकी हुई है।