Gold Price: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आम लोगों की जेब पर सीधा असर दिखने लगा है। कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। बुधवार को भोपाल के सर्राफा बाजार में सोना स्टैंडर्ड 10 ग्राम की कीमत 1,00,100 रुपए पर पहुंच गई, जबकि चांदी 99,500 रुपए प्रति किलो बिक रही है। इससे उन उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है जो लंबे समय से दाम घटने का इंतजार कर रहे थे।
तीन दिन में 4000 रुपए की छलांग
सप्ताह की शुरुआत से ही सोने की कीमतों में तेज़ी देखने को मिल रही है। 5 मई को जो भाव 94,200 रुपए था, वह अब 6 हजार से ज़्यादा बढ़कर 1 लाख को पार कर गया है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी सोना 3400 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे घरेलू बाज़ार पर असर पड़ा है।
सुरक्षित निवेश बना सोना, बढ़ा विदेशी खरीदारी का रुझान
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-पाक तनाव, अमेरिका की ब्याज दरों की अनिश्चितता और वैश्विक हालातों को देखते हुए निवेशक अब सोने को सुरक्षित विकल्प मानकर इसमें पैसा लगा रहे हैं। 2025 की शुरुआत से अब तक सोना निवेशकों को करीब 27% रिटर्न दे चुका है।
RBI भी बढ़ा रहा है सोना भंडार
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपने सोना भंडार में करीब 25 टन की बढ़ोतरी की है। मार्च 2025 के अंत तक RBI के पास कुल 879.59 टन सोना हो गया है, जो छह महीने पहले के मुकाबले लगभग 11.7% हिस्सेदारी दर्शाता है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि संस्थागत स्तर पर भी सोने को लेकर भरोसा बढ़ा है।
क्या 4000 डॉलर तक पहुंचेगा सोना?
जीजेसी के पूर्व चेयरमैन नितिन खंडेलवाल ने बताया कि चीन की इंश्योरेंस कंपनियां और सेंट्रल बैंक भी सोने की भारी खरीद कर रहे हैं। यूके के साथ प्रस्तावित एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) से भारत के गहना निर्यातकों को भी फायदा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो सोना 3800 से 4000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है।
निवेशकों के लिए अलर्ट और उपभोक्ताओं के लिए चिंता
जहां एक ओर सोने में निवेश करने वालों के लिए यह सुनहरा मौका है, वहीं शादी-विवाह और त्योहारों में खरीदारी की सोच रहे उपभोक्ताओं के लिए यह कीमतें बड़ी चिंता का कारण बन गई हैं।