बीते कुछ वक्त से सोना लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। मौजूदा समय में सोने की कीमत 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच चुकी है। वैश्विक हालात अस्थिर बने हुए हैं, ऐसे में निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। यही वजह है कि मांग बढ़ रही है और कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दुनिया में तनाव और अनिश्चितता बनी रहेगी, सोने की चमक फीकी पड़ने के आसार कम हैं।
सोने का अनोखा और प्राचीन इतिहास
सोने का इतिहास इंसानी सभ्यता से भी पुराना है। वैज्ञानिकों के मुताबिक सोने का निर्माण पृथ्वी बनने से पहले मरते हुए तारों और न्यूट्रॉन सितारों की टक्कर से हुआ था। पृथ्वी के शुरुआती दौर में ज्यादातर सोना उसके कोर में चला गया, लेकिन अरबों साल पहले क्षुद्रग्रहों की टक्कर से यह सतह तक पहुंचा। तभी से सोना दुर्लभ, कीमती और खास धातु माना जाता रहा है।
मुद्रा और ताकत का प्रतीक कैसे बना सोना
सोना आसानी से ढलने वाला, जंग-रोधी और हमेशा चमकदार रहने वाला धातु है। इसी वजह से प्राचीन काल में इसे सिक्कों और ईंटों के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा। धीरे-धीरे सोना मुद्रा का आधार बना और इसकी कीमत बाकी धातुओं से कहीं ज्यादा हो गई। जहां चांदी और तांबा समय के साथ काले पड़ जाते हैं, वहीं सोना पीढ़ियों तक अपनी पहचान बनाए रखता है।
गोल्ड रश और गोल्ड स्टैंडर्ड का दौर
15वीं से 19वीं सदी के बीच दुनिया ने सोने के लिए जबरदस्त होड़ देखी। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में गोल्ड रश ने पूरी अर्थव्यवस्था को बदल दिया। 1717 में गोल्ड स्टैंडर्ड आया, जिसमें मुद्रा को सोने से जोड़ा गया। 20वीं सदी तक आते-आते सोने और चांदी के दामों में भारी अंतर बढ़ गया। हालांकि 1971 में गोल्ड स्टैंडर्ड खत्म हुआ, लेकिन सोने की अहमियत बनी रही।
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कहां से आता है आज का सोना
आज जो सोना निकाला जा रहा है, वह कठोर चट्टानों और नदी किनारे जमा खानों से मिलता है। इसे निकालने की प्रक्रिया बेहद जटिल और महंगी है। खनन के बाद कई चरणों से गुजरकर सोना गोल्ड बार बनता है। यही वजह है कि इसकी कीमत बाकी धातुओं से कई गुना ज्यादा होती है। चीन, रूस, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका इसके बड़े उत्पादक हैं।
कीमतों में तेजी के पीछे क्या वजह
सोने की कीमतों में हालिया तेजी के पीछे कमजोर रुपया, वैश्विक तनाव, अमेरिका-यूरोप संबंधों में खटास और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की सोच बड़ी वजह है। पिछले दशक में महामारी और युद्ध जैसे हालात ने भी सोने को मजबूत बनाया। जनवरी 2026 तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। यही संकेत देता है कि आने वाले समय में भी सोने की चमक बनी रह सकती है।