पिछले महीने की भारी गिरावट के बाद अब सोना और चांदी फिर से तेजी दिखा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 4600 डॉलर के पार पहुंच गई है, जबकि चांदी में भी जोरदार उछाल देखा गया है। इस अचानक आई तेजी ने निवेशकों को चौंका दिया है और बाजार में हलचल तेज हो गई है।
गिरावट के बाद खरीदारी बढ़ी
करीब 15 प्रतिशत की गिरावट के बाद सोना निवेशकों को सस्ता लगने लगा। यही वजह है कि निचले स्तर पर जमकर खरीदारी हुई। जैसे ही बड़े निवेशकों ने खरीदारी शुरू की, कीमतों को सहारा मिला और बाजार में तेजी लौट आई। यह संकेत है कि गिरावट को निवेश के मौके के तौर पर देखा गया।
मिडिल ईस्ट तनाव का बड़ा असर
मिडिल ईस्ट तनाव ने इस तेजी में बड़ी भूमिका निभाई है। युद्ध और अस्थिरता की खबरों से निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्प की ओर बढ़ते हैं। सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए ऐसे हालात में इसकी मांग बढ़ जाती है।
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अमेरिकी नीति से मिला सहारा
अमेरिकी केंद्रीय बैंक के संकेतों ने भी बाजार को राहत दी है। ब्याज दरों में तुरंत बढ़ोतरी की संभावना कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। जब ब्याज दरें स्थिर रहती हैं, तो सोने में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है और यही वजह है कि इसकी कीमतों में तेजी आई है।
आगे कितना बढ़ सकता है सोना
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना 4300 से 4600 डॉलर के बीच रह सकता है। अगर हालात ऐसे ही बने रहते हैं और डॉलर कमजोर होता है, तो कीमत 4700 से 4800 डॉलर तक भी पहुंच सकती है। वहीं चांदी में भी उतार-चढ़ाव के बीच तेजी बनी रह सकती है।
निवेश से पहले जरूरी सावधानी
हालांकि बाजार में तेजी दिख रही है, लेकिन विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। युद्ध और वैश्विक हालात के कारण बाजार कभी भी बदल सकता है। ऐसे में निवेश करने से पहले सोच-समझकर फैसला लेना जरूरी है, ताकि जोखिम से बचा जा सके।