वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों के बीच सोने की कीमतों में एक बार फिर मजबूती देखने को मिल रही है। कमजोर डॉलर, स्थिर ब्याज दरें और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने कीमती धातु को नई ऊंचाइयों की ओर धकेला है। भारत के प्रमुख शहरों में गोल्ड रेट बढ़े हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी का रुख बरकरार है।
देशभर में बढ़े सोने के भाव
29 जनवरी की सुबह भारत के कई बड़े शहरों में सोने की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,67,240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 22 कैरेट का भाव 1,53,310 रुपये रहा। मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में 24 कैरेट सोने का रेट करीब 1,67,090 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। भोपाल और अहमदाबाद में भी कीमतें 1,67,140 रुपये के आसपास रहीं, जिससे साफ है कि पूरे देश में तेजी का असर दिख रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहा सपोर्ट
वैश्विक स्तर पर सोने का हाजिर भाव 5,256.35 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। अमेरिकी डॉलर के कई साल के निचले स्तर पर आने से गोल्ड को अतिरिक्त सहारा मिला है, क्योंकि कमजोर डॉलर में निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं। साथ ही वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के माहौल ने भी पीली धातु की मांग बढ़ाई है।
ब्याज दरों पर फैसले का असर
अमेरिका के केंद्रीय बैंक द्वारा जनवरी की बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय भी सोने के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। नीति निर्माताओं ने संकेत दिए हैं कि अर्थव्यवस्था मजबूत है और महंगाई व रोजगार से जुड़े जोखिम फिलहाल सीमित हैं। ऐसे में दरों में कटौती से पहले लंबा इंतजार संभव है, जो निवेशकों को सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर आकर्षित कर सकता है।
विशेषज्ञों को आगे भी तेजी की उम्मीद
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में सोने की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है। कुछ अनुमानों के अनुसार साल के अंत तक गोल्ड 6,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छू सकता है, जबकि मजबूत परिदृश्य में 5,700 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यह निवेशकों के लिए लंबी अवधि के मौके का संकेत देता है।
चांदी भी रफ्तार में, औद्योगिक मांग का सहारा
सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेजी दर्ज की गई है। 29 जनवरी की सुबह भारत में चांदी का भाव 3,80,100 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जबकि विदेशी बाजारों में यह 112.22 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी। निवेश के अलावा औद्योगिक क्षेत्रों से मिल रही मजबूत मांग ने भी चांदी की कीमतों को सहारा दिया है, जिससे आने वाले समय में इसमें भी उतार-चढ़ाव के साथ मजबूती बनी रह सकती है।