दुनियाभर में सोने और चांदी की कीमतों में हाल के महीनों में तेज उछाल देखने को मिला है। फरवरी में सोने की कीमत लगातार सातवें महीने बढ़ी, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। इससे पहले कभी भी सोने की कीमत में इतनी लंबी अवधि तक लगातार तेजी दर्ज नहीं की गई थी। पिछले सात महीनों में सोने की कीमत करीब 61 फीसदी तक बढ़ चुकी है, यानी औसतन हर महीने लगभग 9 फीसदी का इजाफा हुआ है। इससे पहले 1970 के दशक और 2000 के शुरुआती वर्षों में सोने की कीमत लगातार छह महीने तक बढ़ी थी।
क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत
इस साल अब तक सोने की कीमत में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। विशेषज्ञों के मुताबिक दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता इसकी बड़ी वजह है। जब भी वैश्विक स्तर पर संकट या अस्थिरता बढ़ती है तो निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में सोने की ओर रुख करते हैं। यही कारण है कि ऐसे समय में सोने की मांग तेजी से बढ़ जाती है और कीमतों में उछाल देखने को मिलता है।
ये भी पढ़ें : QR Code स्कैन करते समय न करें जल्दबाजी, इन आसान तरीकों से पहचानें असली या नकली कोड
सेंट्रल बैंकों ने बढ़ाई खरीदारी
सोने की कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह विभिन्न देशों के सेंट्रल बैंकों द्वारा की जा रही भारी खरीदारी भी है। पिछले कुछ वर्षों में कई देशों ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए सोने की खरीद बढ़ाई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग में काफी इजाफा हुआ है, जिसका असर कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।
कौन-कौन से देश खरीद रहे सोना
साल 2020 से 2025 के बीच पांच साल में सोने की कीमत में करीब 265 फीसदी की तेजी आई है। इस दौरान चीन, पोलैंड, तुर्की और भारत सहित कई देशों के सेंट्रल बैंकों ने बड़ी मात्रा में सोना खरीदा। सबसे ज्यादा सोना चीन ने खरीदा, जिसने पांच साल में 357.1 टन गोल्ड अपने भंडार में जोड़ा। इसके बाद पोलैंड ने 314.6 टन, तुर्की ने 251.8 टन और भारत ने 245.3 टन सोना खरीदा।
कई देशों ने बेचा भी सोना
जहां कई देश सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं, वहीं कुछ देशों ने पिछले पांच साल में सोने की बिक्री भी की है। फिलीपींस इस मामले में सबसे आगे रहा, जिसने 65.2 टन सोना बेचा। इसके अलावा कजाकस्तान ने 52.4 टन, श्रीलंका ने 19.1 टन और जर्मनी ने 16.3 टन सोना कम किया। वहीं मंगोलिया, ताजिकिस्तान, यूरो एरिया, कोलंबिया और फिनलैंड ने भी अपने गोल्ड रिजर्व में कटौती की है।