साल 2025 में सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखने को मिली है। निवेशकों को अब तक का सबसे अधिक रिटर्न देने वाले इस धातु के प्रति रुझान लगातार बढ़ा है। लेकिन आने वाले साल यानी 2026 में क्या सोने की चमक बरकरार रहेगी या फिर इसकी कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी? विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक हालात और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेगी कि सोना नई ऊंचाई पर जाएगा या फिर इसकी चमक फीकी पड़ेगी।
सोने की कीमतों में अब तक की रिकॉर्ड तेजी
इस साल सोने की कीमतों में करीब 61% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। स्पॉट गोल्ड अब तक के उच्चतम स्तर 4,225 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। डॉलर की कमजोरी, अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारणों ने सोने को निवेश का सुरक्षित विकल्प बना दिया है।
आने वाले साल में क्या होगा बदलाव?
विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 की दूसरी छमाही में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। फिलहाल 2026 के जून तक कीमतें 4,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन उसके बाद निवेशकों को सतर्क रहना होगा। वैश्विक बाजारों की स्थिरता बढ़ने या अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत होने पर सोने की मांग घट सकती है।
निवेशकों के लिए सलाह
अगर आपने सोने में निवेश किया है, तो जल्दबाजी में बेचने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, राजनीतिक अस्थिरता, टैरिफ विवाद और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारण आने वाले महीनों में कीमतों को सहारा दे सकते हैं। हालांकि, यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) का रुख सख्त हुआ या डॉलर मजबूत हुआ, तो सोने के भाव में गिरावट संभव है।
चांदी पर भी रहेगा असर
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के मध्य तक चांदी 57.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। लेकिन सोने की तरह इस पर भी अमेरिकी मौद्रिक नीतियों का सीधा असर देखने को मिलेगा।