गुरुवार सुबह वित्तीय बाजारों में निवेशकों को बड़ा झटका लगा, जब कमोडिटी से लेकर शेयर बाजार तक हर तरफ गिरावट का माहौल दिखा। Gold-Silver Crash ने जहां सर्राफा बाजार को हिला दिया, वहीं सेंसेक्स और निफ्टी भी खुलते ही धड़ाम हो गए। विदेशी संकेतों से बने दबाव और चुनिंदा बड़े शेयरों में बिकवाली ने शुरुआती कारोबार को बेहद कमजोर बना दिया।
ओपनिंग में ही टूटे सेंसेक्स-निफ्टी
शेयर बाजार ने दिन की शुरुआत गिरावट के साथ की। सेंसेक्स अपने पिछले बंद से नीचे खुला और कुछ ही मिनटों में 500 अंकों से ज्यादा फिसल गया। वहीं निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 150 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ निवेशकों को चौंकाता नजर आया। बैंकिंग, मेटल और ऑटो जैसे सेक्टर्स पर बिकवाली का दबाव साफ दिखा।
विदेशी बाजारों से आए नकारात्मक संकेत
भारतीय बाजारों पर ग्लोबल कमजोरी का असर साफ नजर आया। एशियाई बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ। गिफ्ट निफ्टी में पहले से ही दबाव दिख रहा था, जिसने घरेलू बाजार की कमजोर शुरुआत के संकेत दे दिए थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति ने बिकवाली को और तेज किया।
इन बड़े शेयरों में दिखी तेज बिकवाली
गिरावट के दौरान कई दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में फिसलते नजर आए। एविएशन, डिफेंस, टेक्नोलॉजी और एनर्जी सेक्टर से जुड़े स्टॉक्स पर सबसे ज्यादा दबाव दिखा। मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में तो कुछ शेयर 5 से 8 फीसदी तक टूटते नजर आए, जिससे व्यापक बाजार में भी कमजोरी फैल गई।
Gold-Silver Crash से कमोडिटी बाजार में हलचल
शेयर बाजार के साथ-साथ कमोडिटी मार्केट में भी उथल-पुथल देखने को मिली। MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। चांदी कई हजार रुपये तक टूट गई, जबकि सोना भी हजारों रुपये सस्ता होकर ट्रेड करता दिखा। माना जा रहा है कि वैश्विक संकेतों और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार की इस अचानक गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। फिलहाल उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है, ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए सोच-समझकर फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।