Modi Government Festive Season Gold - त्योहारी सीजन से पहले सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार सोने और चांदी पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी यानी कस्टम ड्यूटी में कटौती करने पर विचार कर रही है। जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल के मुताबिक, मौजूदा ऊंची ड्यूटी से आयात पर अपेक्षित असर नहीं पड़ा और तस्करी व ग्रे मार्केट का दायरा बढ़ा है। हालांकि, ड्यूटी घटाने पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
ऊंची ड्यूटी से नहीं घटी सोने की मांग
जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल के चेयरमैन राजेश रोकड़े के मुताबिक, सोने-चांदी पर बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी सरकार के अपेक्षित उद्देश्य को हासिल नहीं कर सकी। ड्यूटी बढ़ाने का मकसद आयात को नियंत्रित करना था, लेकिन देश में सोने की मांग में बड़ी गिरावट नहीं आई। इसके बजाय अवैध कारोबार और ग्रे मार्केट का दायरा बढ़ने की बात सामने आई है।
सरकार कर रही टैक्स नीति पर विचार
ज्वेलरी सेक्टर का कहना है कि भारी टैक्स को लेकर पहले ही सरकार को आगाह किया गया था। आशंका थी कि ऊंची इंपोर्ट ड्यूटी से वैध कारोबार प्रभावित होगा और तस्करी को बढ़ावा मिल सकता है। अब इसी वजह से सरकार ड्यूटी कम करने के विकल्प पर विचार कर रही है। हालांकि फिलहाल इसे लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
मई में बढ़ाई गई थी कस्टम ड्यूटी
इसी साल मई में केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी थी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया था। अब बाजार में ड्यूटी कटौती की संभावित चर्चा से त्योहारी मांग को लेकर भी उम्मीदें बढ़ी हैं।
भारत दुनिया का दूसरा बड़ा सोना उपभोक्ता
भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है। देश में हर साल करीब 700 से 900 टन सोने का आयात होता है। वित्त वर्ष 2026 में सोने का आयात मूल्य के लिहाज से 24 फीसदी बढ़कर 71.9 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि मात्रा के लिहाज से आयात घटकर 721 टन रहा। ऐसे में सरकार के सामने आयात, टैक्स और अवैध कारोबार के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है।