सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली है। मंगलवार को वायदा कारोबार शुरू होते ही दोनों कीमती धातुओं के दाम तेजी से नीचे आ गए। खासकर चांदी में भारी गिरावट ने बाजार को चौंका दिया। पिछले कुछ दिनों में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच अब निवेशक और खरीदार दोनों ही नए भाव पर नजर बनाए हुए हैं। सोने में भी कमजोरी देखने से सर्राफा बाजार में हलचल तेज हो गई है।
13 दिन में चांदी ₹27 हजार से ज्यादा सस्ती
मई महीने के मध्य में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। उस दौरान वायदा बाजार में चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई थी। लेकिन इसके बाद लगातार गिरावट का दौर शुरू हुआ। अब 13 दिनों के भीतर ही चांदी करीब 27,973 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है। ताजा कारोबार में इसका भाव करीब 2,72,265 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया।
एक झटके में ₹4400 टूटी चांदी
मंगलवार को बाजार खुलते ही चांदी के दाम में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले इसमें एक साथ 4,451 रुपये प्रति किलो की कमजोरी आई। इतना ही नहीं, जनवरी में बने रिकॉर्ड हाई स्तर 4,57,328 रुपये प्रति किलो से तुलना करें तो अब चांदी करीब 1.85 लाख रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है। लगातार गिरावट से बाजार में खरीदारी और निवेश को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सोने की चमक भी पड़ी फीकी
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। 24 कैरेट सोना मंगलवार को गिरकर करीब 1,58,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यह अपने रिकॉर्ड हाई 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम से करीब 44,884 रुपये सस्ता हो चुका है। इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद सोने में भी तेजी आई थी, लेकिन अब बाजार में लगातार दबाव देखने को मिल रहा है।
मई महीने में फिर भी महंगे हैं दाम
हालांकि हाल के दिनों में गिरावट आई है, लेकिन मई महीने की शुरुआत से तुलना करें तो सोना और चांदी अब भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। अप्रैल के आखिर में चांदी करीब 2,44,456 रुपये प्रति किलो थी, जबकि अब भी यह उससे काफी ऊपर कारोबार कर रही है। वहीं सोना भी पिछले महीने की तुलना में करीब 7 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा बना हुआ है।
निवेशकों की नजर आगे के बाजार पर
कीमती धातुओं में लगातार उतार-चढ़ाव से निवेशकों की चिंता बढ़ी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, इंपोर्ट ड्यूटी और निवेशकों की मांग के आधार पर सोना-चांदी की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल बाजार में गिरावट के चलते खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है।