बजट के बाद घरेलू कमोडिटी बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। सोना और चांदी, जो कुछ दिन पहले तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर थे, अब तेजी से फिसलते नजर आ रहे हैं। सोमवार की शुरुआत होते ही चांदी करीब 16 हजार रुपये प्रति किलो टूट गई, जबकि सोना भी चार हजार रुपये से ज्यादा सस्ता हो गया। निवेशकों में इस गिरावट को लेकर चिंता बढ़ गई है।
चांदी में लगातार गिरावट, खुलते ही बड़ा झटका
बीते सप्ताह चांदी ने ऐतिहासिक ऊंचाई छूकर निवेशकों को चौंकाया था, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। कारोबारी सत्र शुरू होते ही वायदा बाजार में चांदी 2,55,000 रुपये प्रति किलो के आसपास फिसली और कुछ ही मिनटों में 2,49,000 रुपये के स्तर तक पहुंच गई। इसका मतलब है कि एक ही झटके में करीब 15,900 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
हाई से अब तक 1.70 लाख रुपये नीचे
कुछ दिन पहले चांदी ने 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का नया रिकॉर्ड बनाया था। वहां से अब तक इसमें 1.70 लाख रुपये से ज्यादा की कमजोरी आ चुकी है। जिस तेजी से कीमतें ऊपर गई थीं, उससे भी तेज रफ्तार से अब गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे छोटे निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है।
सोना भी नहीं बचा, 10 ग्राम पर 4,400 रुपये की गिरावट
चांदी के साथ-साथ सोने पर भी दबाव बना हुआ है। बजट के दिन भारी टूट के बाद थोड़ी रिकवरी जरूर दिखी थी, लेकिन सोमवार को फिर से कमजोरी लौट आई। कारोबार खुलते ही सोना 1,43,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया, यानी एक ही सत्र में 4,400 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई।
रिकॉर्ड स्तर से करीब 50 हजार रुपये सस्ता
सोने ने भी हाल ही में 1,93,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑल-टाइम हाई बनाया था। इसके बाद से लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है और अब तक कीमत करीब 49,700 रुपये नीचे आ चुकी है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
आगे क्या रहेगा रुख? निवेशक सतर्क
तेजी से बदलते हालात के बीच निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में खरीदारी से पहले बाजार की दिशा और जोखिम को समझना जरूरी है। फिलहाल सोना-चांदी दोनों ही अस्थिर दौर से गुजर रहे हैं।