सोना और चांदी की कीमतों में बीते साल के आखिरी दिनों में जो गिरावट शुरू हुई थी, वह 2026 की शुरुआत में भी थमती नजर नहीं आ रही है। नए साल के पहले कारोबारी दिन गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दोनों कीमती धातुओं में तेज कमजोरी दर्ज की गई। बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में जोरदार टूट देखने को मिली, जबकि सोना भी फिसलकर नीचे आ गया। निवेशक नए साल में तेजी की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन पहले ही दिन बाजार ने उल्टा संकेत दे दिया। इससे ज्वेलरी कारोबार से लेकर निवेशकों तक सभी की निगाहें अब आने वाले दिनों की चाल पर टिक गई हैं।
चांदी की कीमतों में जबरदस्त झटका
चांदी ने बीते साल जिस तरह रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी, उसने बाजार को चौंका दिया था, लेकिन साल खत्म होते-होते तस्वीर बदल गई। 1 जनवरी 2026 को एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव खुलते ही करीब 1800 रुपये प्रति किलो टूट गया। 31 दिसंबर को जहां चांदी 2,35,701 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, वहीं नए साल के पहले दिन यह गिरकर 2,33,850 रुपये तक पहुंच गई। लगातार गिरावट के चलते अब चांदी अपने लाइफ टाइम हाई से काफी नीचे आ चुकी है। इससे उन निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की थी।
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रिकॉर्ड हाई से कितनी सस्ती हुई चांदी
अगर चांदी के रिकॉर्ड स्तर की बात करें तो इसका ऑल टाइम हाई 2,54,174 रुपये प्रति किलो रहा है। मौजूदा भाव की तुलना करें तो चांदी अब अपने उच्चतम स्तर से करीब 20 हजार रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है। यह गिरावट सिर्फ तकनीकी नहीं बल्कि सेंटिमेंट से जुड़ी भी मानी जा रही है। बाजार जानकारों का मानना है कि इतनी तेज उछाल के बाद करेक्शन आना तय था। नए साल की शुरुआत में इस करेक्शन ने रफ्तार पकड़ ली है। अब निवेशक यह आंकलन करने में जुटे हैं कि यह गिरावट यहीं थमेगी या आगे और फिसलन देखने को मिलेगी।
सोना भी दबाव में, निवेशकों की बढ़ी चिंता
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी कमजोरी दर्ज की गई है। एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव अपने पिछले बंद स्तर से नीचे फिसलकर कारोबार करता दिखा। सोना भी अपने रिकॉर्ड हाई से कई हजार रुपये सस्ता हो चुका है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह मुनाफावसूली है। ऊंचे दामों पर पहुंचे सोना-चांदी में निवेशकों को डर था कि अगर अचानक गिरावट आई तो लाभ हाथ से निकल जाएगा। इसके अलावा डॉलर में मजबूती और वैश्विक तनाव में कमी से सुरक्षित निवेश की मांग घटी है। यही वजह है कि नए साल की शुरुआत में कीमती धातुएं दबाव में नजर आ रही हैं।