मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच जहां कच्चे तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, वहीं सोना-चांदी के दामों में उलटी चाल देखने को मिल रही है। आमतौर पर वैश्विक तनाव के समय कीमती धातुओं की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार सोना और चांदी दोनों सस्ते हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत डॉलर, निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग और कमजोर इंडस्ट्रियल डिमांड इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं।
मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच सोना-चांदी में गिरावट
मिडिल ईस्ट में हालिया सैन्य संघर्ष के बाद वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल और एलएनजी गैस की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 8.52 प्रतिशत बढ़कर 92.69 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। आमतौर पर ऐसे हालात में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार बाजार की चाल अलग दिखाई दे रही है और दोनों धातुओं के दाम लगातार गिर रहे हैं।
एक हफ्ते में गोल्ड 5000 और सिल्वर 10000 सस्ता
पिछले एक सप्ताह में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोना करीब 5000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है, जबकि चांदी की कीमतों में 10,000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा की गिरावट आई है। मौजूदा दरों के अनुसार 24 कैरेट सोना लगभग 1,58,750 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना करीब 1,43,420 रुपये और 18 कैरेट सोना लगभग 1,19,060 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी की कीमत गिरकर करीब 2,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
डॉलर की मजबूती बना गिरावट का बड़ा कारण
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि सोने-चांदी में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। मजबूत डॉलर के कारण निवेशक सोने की जगह अमेरिकी बॉन्ड जैसे विकल्पों में पैसा लगा रहे हैं। इसके अलावा जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य देशों की मुद्रा में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। साथ ही अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में राहत नहीं मिलने से भी सोने की कीमतों को समर्थन नहीं मिल पा रहा है।
प्रॉफिट बुकिंग और कमजोर डिमांड का असर
बाजार में निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग भी सोने की कीमतों पर दबाव बना रही है। कई निवेशक हालिया ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद मुनाफा निकाल रहे हैं, जिससे कीमतें नीचे आ रही हैं। वहीं चांदी की कीमतों पर इंडस्ट्रियल डिमांड में कमी का असर दिखाई दे रहा है। युद्ध के कारण कई उद्योगों की गतिविधियां धीमी हो गई हैं, जिससे चांदी की मांग कम हो गई है और कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।
दुबई में सोने पर भारी छूट
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर दुबई के सोना बाजार पर भी पड़ा है। क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं और उड़ानों के रद्द होने के कारण ज्वैलर्स को सोना एक्सपोर्ट करने में दिक्कत हो रही है। शिपिंग और इंश्योरेंस का खर्च बढ़ने से व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। ऐसे में स्टोरेज खर्च से बचने के लिए कई व्यापारी अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमत से करीब 30 डॉलर प्रति औंस तक की छूट देकर सोना बेचने को मजबूर हो गए हैं।