शुक्रवार को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे शादियों के सीजन में ग्राहकों के लिए यह एक राहत भरी खबर साबित हो सकती है। अमेरिका में दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं की गिरती कीमतों का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिखा। एमसीएक्स पर सोना 3,351 रुपये और चांदी 6,940 रुपये तक टूट गई, जिससे बाजार में हलचल बढ़ गई है।
सोने में तेज गिरावट, निवेशकों में सतर्कता
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सोने की कीमत में अचानक आई भारी गिरावट ने सर्राफा बाजार को चौंका दिया। 5 दिसंबर डिलीवरी वाला सोना कारोबार के दौरान 1,21,800 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया। हालांकि बाद में यह उभरकर 1,23,400 रुपये पर बंद हुआ, लेकिन कुल मिलाकर 2.64% की गिरावट दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट गोल्ड में भी करीब 3% की गिरावट देखी गई, जो पिछले कई सप्ताहों की सबसे तेज गिरावट मानी जा रही है। इसका कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और रेट कट की धुंधली होती उम्मीदें बताई जा रही हैं।
चांदी 7,000 रुपये सस्ती—ज्वेलरी कारोबार पर असर
चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई है। 4.27% की गिरावट के साथ चांदी का भाव 1,55,530 रुपये प्रति किलो पर आ गया।
चांदी में तेज गिरावट का सीधा असर ज्वेलरी कारोबारियों और औद्योगिक मांग पर पड़ सकता है। शादियों के सीजन के बावजूद चांदी की मांग में फिलहाल स्थिरता नजर आ रही है, लेकिन कम कीमतें ग्राहकों को खरीदारी बढ़ाने के लिए आकर्षित कर सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव क्यों बढ़ा?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की गिरावट के पीछे कई कारण सामने आए हैं—
अमेरिकी फेड अधिकारियों की ओर से सख्त बयान
दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर
शेयर बाजारों में दबाव और अस्थिरता
हाल ही में लगे लंबे सरकारी शटडाउन से डेटा गैप
इन परिस्थितियों ने बिना ब्याज वाले सोने की मांग पर नकारात्मक असर डाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ब्याज दरों में कटौती के संकेत नहीं मिलते, सोने-चांदी में बड़ी तेजी की संभावना कम है।
शादियों के सीजन में खरीदारों के लिए मौका
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट ग्राहकों के लिए एक बड़ा अवसर है। शादियों का सीजन शुरू होने के साथ सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है, और भावों में आई नरमी ग्राहकों के बजट को राहत दे सकती है। हालांकि कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है, इसलिए खरीदारी से पहले बाजार की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।