घरेलू बाजार में बुधवार की सुबह सोना और चांदी दोनों ने इतिहास रच दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत 62.50 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जिसका सीधा असर भारत में दिखा और चांदी का भाव 2 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल गया। सोना भी तेजी में रहा और नए रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक संकेतों और डॉलर की कमजोरी ने इस तेजी को और मजबूत किया।
फेडरल रिजर्व की दर कटौती ने बदला खेल
इस उछाल की सबसे बड़ी वजह है अमेरिकी फेडरल रिजर्व का देर रात का फैसला, जिसमें लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में कटौती की गई। फेड ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को घटाकर 3.50–3.75% के दायरे में ला दिया, जो पिछले तीन वर्षों का सबसे निचला स्तर है। ब्याज दरें घटने का सीधा असर यह हुआ कि निवेशकों ने एक बार फिर सोना और चांदी को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में चुना, जिससे बाजार में भारी तेजी देखने को मिली।
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भारत के शहरों में सोने के दाम कहां पहुंचे
भारत में भी सोने की कीमतें तेजी से बढ़ीं। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,30,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि मुंबई में इसका भाव 1,30,320 रुपये रहा। चेन्नई में यह कीमत 1,31,460 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज हुई, जो देश के प्रमुख शहरों में सबसे अधिक है। कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और केरल सहित अधिकांश शहरों में सोने की कीमतें 1,30,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास स्थिर रहीं। कई ज्वेलर्स का कहना है कि लगातार बढ़ती मांग और वैश्विक संकेत आने वाले दिनों में और तेजी ला सकते हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
फेडरल रिजर्व की दर कटौती के बाद माना जा रहा है कि सोना-चांदी की चाल आने वाले दिनों में और मजबूत रह सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तो यह रैली और ऊपर जा सकती है। निवेशक पहले ही सेफ-हेवन एसेट की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे कीमतों में स्थिर बढ़त की संभावना जताई जा रही है। बाजार जानकारों के मुताबिक वर्ष 2026 की शुरुआत तक सोना-चांदी नई ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छू सकते हैं, और निवेशकों का भरोसा इनकी ओर और बढ़ेगा।