Gold Silver Prices : जन्माष्टमी के दिन घरेलू कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार को सोने का भाव एक समय करीब 1,200 रुपये तक नीचे चला गया, जबकि चांदी की कीमत में लगभग 1,600 रुपये की गिरावट दर्ज हुई। इस तेज हलचल ने निवेशकों और सर्राफा बाजार पर नजर रखने वालों का ध्यान खींचा। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक इसका त्योहार से कोई सीधा संबंध नहीं है।
चांदी भी दबाव में आई
घरेलू कमोडिटी मार्केट में अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना एक समय गिरकर 1,54,605 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी ओर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी भी कमजोर होकर 2,39,525 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव तक आ गई। यानी दोनों कीमती धातुओं में एक साथ दबाव देखने को मिला। हाल के दिनों में ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद बाजार में मुनाफावसूली भी इस गिरावट की एक वजह मानी जा रही है।
डॉलर की मजबूती बनी वजह
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार सोने और चांदी में आई इस कमजोरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। खास तौर पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर कीमती धातुओं पर पड़ा है। आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर अन्य मुद्राओं में सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग और कीमत पर दबाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता के बीच यह फैक्टर बाजार के लिए अहम बन गया है।
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कच्चे तेल पर भी नजर
बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले कुछ दिनों में तेजी भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत बनकर सामने आई है। इसके अलावा अमेरिका का रोजगार संबंधी डेटा भी आने वाला है। निवेशक इन आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और आगे की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर बाजार फेडरल रिजर्व के अगले कदम का अनुमान लगाने की कोशिश करेगा।
मुनाफावसूली ने दबाव बढ़ाया
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने-चांदी में पहले आई तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे भाव पर मुनाफा वसूलना शुरू किया है। इससे बिकवाली का दबाव बढ़ा और कीमतें नीचे आईं। ऐसे में जन्माष्टमी के दिन हुई गिरावट को किसी धार्मिक या मौसमी वजह से जोड़ना सही नहीं होगा। फिलहाल डॉलर की चाल, अमेरिकी रोजगार डेटा, कच्चे तेल की कीमत और फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीति पर कीमती धातुओं की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।