गुरुवार देर रात घरेलू कमोडिटी बाजार में सोना और चांदी के दाम अचानक लुढ़क गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अप्रैल वायदा वाला सोना करीब 6455 रुपये गिरकर 1,52,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं मार्च वायदा की चांदी में और बड़ी गिरावट दिखी। चांदी लगभग 25,882 रुपये टूटकर 2,37,136 रुपये प्रति किलो पर आ गई। इतनी बड़ी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से शुरू हुआ असर
गिरावट की शुरुआत अमेरिका के बाजार से हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 2 से 3 प्रतिशत तक फिसल गया। वहीं चांदी में लगभग 8 से 9 प्रतिशत तक की तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजार में बिकवाली तेज रही, जिसका सीधा असर भारत के बाजार पर भी देखने को मिला। ऐसे में शुक्रवार को भी घरेलू बाजार में दबाव बने रहने की आशंका जताई जा रही है।
गिरावट की बड़ी वजह क्या है
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़ों ने बाजार का रुख बदल दिया। ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ गई। जब दरें ऊंची रहने की संभावना बढ़ती है तो सोना-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश साधनों में बिकवाली बढ़ जाती है। इसी कारण निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी और दाम तेजी से नीचे आ गए।
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रिकॉर्ड हाई से कितने सस्ते हुए दाम
कुछ ही हफ्ते पहले चांदी ने 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। अब यह करीब 2.37 लाख रुपये पर आ चुकी है। यानी चांदी लगभग 1.83 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है। सोना भी अपने रिकॉर्ड स्तर 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से करीब 41 हजार रुपये नीचे कारोबार कर रहा है। इस बड़ी गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी है।
क्या अभी और गिर सकते हैं भाव
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में सोना और चांदी के दाम काफी तेजी से बढ़े थे। ऐसे में बीच-बीच में करेक्शन आना स्वाभाविक है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बना रहा तो कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति हो
लंबी अवधि के नजरिए से कई जानकार अभी भी सोना-चांदी को मजबूत निवेश मानते हैं। उनका कहना है कि गिरावट के दौर में धीरे-धीरे खरीदारी करना समझदारी हो सकती है। हालांकि हर निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता जरूर समझें। बाजार में उतार-चढ़ाव चलता रहता है, इसलिए सोच-समझकर कदम उठाना ही बेहतर रणनीति है।