पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद सोना और चांदी फिर तेजी के रास्ते पर लौट आए हैं। शेयर बाजार में आई मजबूती का असर सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के साथ शांति वार्ता की उम्मीद जताए जाने के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसका फायदा सोना और चांदी दोनों को मिला है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खरीदारी बढ़ने से कीमतों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई है।
चांदी ने दिखाई ज्यादा ताकत
एमसीएक्स पर सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा तेजी देखने को मिली। सोना करीब 979 रुपये बढ़कर 1,49,902 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी 2,597 रुपये महंगी होकर 2,42,143 रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार करती दिखी। इस हफ्ते पहली बार दोनों कीमती धातुएं मजबूती के साथ हरे निशान में नजर आईं। इससे निवेशकों में उत्साह बढ़ गया है।
एक्सपर्ट ने बताए खरीदारी के स्तर
निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोना अभी खरीदना चाहिए या नहीं। इस पर एक्सपर्ट का कहना है कि 1.40 लाख से 1.42 लाख रुपये के स्तर पर खरीदारी की जा सकती है। अगले 6 महीनों में इसका लक्ष्य 1.60 लाख से 1.62 लाख रुपये तक माना जा रहा है। वहीं जोखिम कम रखने के लिए 1.35 लाख से 1.36 लाख रुपये के बीच स्टॉप लॉस रखने की सलाह दी गई है। एक्सपर्ट का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्तर अहम हो सकते हैं।
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विदेशी बाजारों से मिला सहारा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की मांग बढ़ी है। गोल्ड की कीमत एक बार फिर 4,200 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई है। हाल के दिनों में कीमतों में आई गिरावट के बाद निवेशकों ने फिर से खरीदारी शुरू की है। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में भी सोना मजबूत होता दिख रहा है। विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोना और चांदी?
कीमतों में तेजी के पीछे कई वजहें हैं। सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की खबरों ने बाजार का भरोसा बढ़ाया है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी एक अहम कारण है। जब तेल सस्ता होता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की तरफ रुख करते हैं। इससे इन धातुओं की मांग बढ़ जाती है।
आम निवेशकों के लिए क्या मतलब है?
अगर आप सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। एक्सपर्ट का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अभी भी अच्छे मौके बने हुए हैं। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए सोच-समझकर निवेश करना जरूरी है। फिलहाल सोना और चांदी दोनों में मजबूती का माहौल बना हुआ है और निवेशकों की नजर आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम पर टिकी रहेगी।