Gold-Silver Purity Check : सोने और चांदी की खरीदारी आज भी निवेश और आभूषण दोनों के रूप में बेहद लोकप्रिय है। लेकिन बढ़ती कीमतों के साथ नकली या कम शुद्धता वाले धातु की बिक्री के मामले भी सामने आते रहते हैं। ऐसे में आम लोगों के लिए यह जानना जरूरी हो गया है कि घर बैठे ही सोना और चांदी की शुद्धता कैसे जांची जा सकती है। कुछ आसान तरीकों से आप असली और नकली के बीच फर्क पहचान सकते हैं.
हॉलमार्क से मिलती है पहली पहचान
सोने की शुद्धता जांचने का सबसे भरोसेमंद तरीका हॉलमार्क होता है। हॉलमार्क भारत में BIS (Bureau of Indian Standards) द्वारा प्रमाणित किया जाता है. 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जबकि 22 कैरेट और 18 कैरेट में अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं। आभूषण पर लगा हॉलमार्क नंबर उसकी शुद्धता को दर्शाता है, जिसे देखकर खरीदार आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं.
घर पर पानी और चुंबक टेस्ट
घर पर सोने की जांच के लिए एक आसान तरीका पानी टेस्ट है। असली सोना पानी में डालने पर अपनी स्थिति नहीं बदलता और नीचे बैठ जाता है, जबकि नकली धातु हल्की होने के कारण ऊपर तैर सकती है। इसके अलावा चुंबक टेस्ट भी किया जाता है। असली सोना चुंबक से आकर्षित नहीं होता, लेकिन यदि आभूषण चुंबक की ओर खिंचता है तो उसमें अन्य धातुएं मिलाई गई हो सकती हैं.
चांदी की शुद्धता कैसे पहचानें
चांदी की जांच के लिए भी कुछ सरल तरीके हैं। असली चांदी समय के साथ हल्की काली या धुंधली हो सकती है, जिसे साफ करने पर उसकी चमक वापस आ जाती है। इसके अलावा चांदी पर भी शुद्धता का अंकन (जैसे 925 सिल्वर) होता है, जो उसकी गुणवत्ता को दर्शाता है। नकली चांदी अक्सर ज्यादा चमकदार दिखती है और समय के साथ जल्दी खराब हो जाती है.
सिरके और बर्फ का टेस्ट
एक और घरेलू तरीका सिरके का उपयोग है। असली चांदी को सिरके में डालने पर उसका रंग ज्यादा नहीं बदलता, जबकि नकली धातु पर असर दिखाई दे सकता है। इसके अलावा बर्फ टेस्ट में असली चांदी जल्दी बर्फ को पिघलाती है क्योंकि इसमें उच्च तापीय चालकता होती है.
सावधानी और जागरूकता जरूरी
हालांकि ये घरेलू तरीके प्रारंभिक जांच के लिए उपयोगी हैं, लेकिन पूरी तरह से प्रमाणित परिणाम के लिए हमेशा BIS हॉलमार्क और ज्वैलर की विश्वसनीयता पर भरोसा करना चाहिए। बड़े निवेश से पहले किसी प्रमाणित लैब या ज्वेलर से जांच कराना बेहतर होता है. सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच यह जरूरी हो गया है कि खरीदार पूरी सावधानी बरतें। सही जानकारी और छोटे-छोटे टेस्ट के जरिए आप आसानी से असली और नकली धातु की पहचान कर सकते हैं और धोखाधड़ी से बच सकते हैं.