हाल के दिनों में सोना और चांदी जिस तेजी से महंगे हुए हैं, वह सिर्फ बाजार की मांग या निवेशकों के जोश का नतीजा नहीं है। इसके पीछे दुनिया की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव चल रहा है। अब कई देश अमेरिकी डॉलर पर निर्भर रहना नहीं चाहते। इसी बदलाव को जानकार लोग डी डॉलराइजेशन कह रहे हैं। आसान शब्दों में समझें तो दुनिया अब डॉलर से दूरी बनाने की कोशिश में है।
डॉलर से भरोसा क्यों टूट रहा है
अब तक ज्यादातर देश अमेरिका को सुरक्षित मानकर अपना पैसा अमेरिकी बॉन्ड में लगाते थे। माना जाता था कि अमेरिका कभी संकट में नहीं फंसेगा। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। अमेरिका का बढ़ता कर्ज और उसकी नीतियों ने भरोसे को कमजोर किया है। भारत और चीन जैसे बड़े देश अब अमेरिकी बॉन्ड बेचकर अपना पैसा वापस निकाल रहे हैं।
आंकड़े बता रहे हैं पूरी कहानी
नवंबर 2024 में भारत के पास अमेरिकी बॉन्ड में करीब 21 लाख 52 हजार करोड़ रुपये थे। लेकिन नवंबर 2025 तक भारत ने करीब 4 लाख 36 हजार करोड़ रुपये के बॉन्ड बेच दिए। यानी अमेरिका के कर्ज में भारत की हिस्सेदारी 20 फीसदी से ज्यादा घट गई। चीन ने भी करीब 8 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड बेच दिए हैं। कई दूसरे देश भी यही कर रहे हैं।
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डॉलर नहीं, अब सोने पर भरोसा
अब सवाल उठता है कि बॉन्ड बेचकर मिला पैसा जा कहां रहा है। जवाब साफ है, सोने में। दुनिया के केंद्रीय बैंक अब कागजी डॉलर की जगह असली सोना जमा कर रहे हैं। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 15 फीसदी से ज्यादा हो गई है। 2021 से 2025 के बीच भारत ने एक लाख 26 हजार किलो से ज्यादा सोना खरीदा है। चीन ने इससे भी ज्यादा सोना जमा किया है।
रूस-यूक्रेन युद्ध से खुली आंखें
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान अमेरिका ने रूस के डॉलर रिजर्व को फ्रीज कर दिया था। इसी घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया। देशों को समझ आ गया कि डॉलर कभी भी राजनीतिक हथियार बन सकता है। लेकिन सोने को कोई फ्रीज नहीं कर सकता। इसी वजह से अनिश्चित दौर में देश अपने खजाने में सोना बढ़ा रहे हैं।
आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर
डॉलर की कमजोरी और सोने की बढ़ती मांग का असर सीधे कीमतों पर दिखेगा। सोना और महंगा हो सकता है। पेट्रोल-डीजल से लेकर आयातित सामानों के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं। निवेशक भी अब शेयर बाजार और डॉलर से ज्यादा सोने पर भरोसा कर रहे हैं। अगर यह बदलाव तेज हुआ, तो आने वाले समय में दुनिया की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।