संत रविदास नगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश कभी असीम संभावनाओं वाला प्रदेश था, लेकिन पिछली सरकारों की बीमारू मानसिकता ने इसकी पहचान बदल दी। 2017 से पहले दंगा, कर्फ्यू और अराजकता के कारण कारोबार प्रभावित था और कारीगरों के सामने पलायन का संकट था। अब माहौल बदला है। कारीगर अपनी माटी में हुनर दिखा रहे हैं और भदोही का कालीन दुनिया के बाजार में अपनी पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को कारपेट एक्सपो मार्ट में चार से सात अक्तूबर तक आयोजित इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी में लगे स्टॉलों का जायजा लिया। आयोजन में 65 देशों के 450 से अधिक विदेशी खरीदार और करीब 250 प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। इनमें ब्रिक्स देशों के 106 खरीदार भी शामिल हैं।
योगी ने कहा कि सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना के तहत भदोही के कालीन को तकनीक, डिजाइन और बाजार से जोड़ा। संत रविदास नगर और सिल्क क्लस्टर से करीब 6,100 करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है। जिले में 2,500 से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनका वार्षिक कारोबार करीब 10 हजार करोड़ रुपये है। उद्योग से पांच लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। यहां बने करीब 90 प्रतिशत कालीन विदेशों में निर्यात होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था से निवेश का माहौल बदला है। प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। 2017 से पहले करीब 14 हजार कारखानों की संख्या अब 35 हजार से अधिक हो गई है।
उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के विंध्य क्षेत्र तक विस्तार से भदोही से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट करीब छह घंटे में पहुंचना संभव होगा। कार्गो सुविधा मिलने से कालीन निर्यात को और गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि नए संसद भवन में भी भदोही में तैयार कालीन बिछा है।