जनवरी के आखिरी कारोबारी दिनों में कीमती धातुओं के बाजार में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली है। चांदी में भारी गिरावट के बाद अब सोने की कीमतों में भी तेज फिसलन आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू वायदा कारोबार तक, हर जगह निवेशकों में बेचैनी नजर आ रही है। एक ही हफ्ते में रिकॉर्ड ऊंचाई और फिर तेज गिरावट ने बाजार की चाल को बेहद अस्थिर बना दिया है।
एक झटके में 7,000 रुपये तक लुढ़का सोना
30 जनवरी 2026 की सुबह सोने के वायदा भाव में करीब 7,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। फरवरी डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट में चार प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी आई। बाजार खुलते ही दबाव दिखा और कुछ ही घंटों में दाम तेजी से नीचे फिसल गए, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
ग्लोबल संकेतों से हिल रहा बुलियन मार्केट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में नरमी रही। हाजिर सोना आधा प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 5,300 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया, जबकि वायदा कारोबार में भी हल्की कमजोरी दिखी। भू-राजनीतिक तनाव, मुनाफावसूली और डॉलर में उतार-चढ़ाव जैसे कारणों से निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा।
जनवरी बना ऐतिहासिक महीना, फिर भी दबाव कायम
हालांकि ताजा गिरावट के बावजूद जनवरी का महीना सोने-चांदी दोनों के लिए बेहद शानदार रहा है। सोने ने इस महीने करीब 24 प्रतिशत की छलांग लगाई, जबकि चांदी में 60 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी गई। सुरक्षित निवेश के तौर पर इन धातुओं की मांग बढ़ी, लेकिन रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद मुनाफावसूली ने बाजार की चाल पलट दी।
हफ्ते भर चला उतार-चढ़ाव का खेल
बीते कुछ दिनों में सोना रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था, लेकिन उसके बाद अचानक गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य गतिविधियों की खबरों से पहले कीमतें चढ़ीं, फिर निवेशकों ने तेजी से मुनाफा निकालना शुरू किया। इसी दौरान चांदी और प्लैटिनम जैसी अन्य धातुओं में भी हल्की ठंडक देखने को मिली।
सर्राफा बाजार में क्या चल रहे हैं रेट
घरेलू सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना करीब 1.78 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि 22 कैरेट के भाव भी 1.63 लाख रुपये से ऊपर बने हुए हैं। वैश्विक अनिश्चितता, ब्याज दरों को लेकर आशंका और डॉलर की कमजोरी से आगे भी कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।