ईरान-अमेरिका युद्धविराम के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल-गैस की सप्लाई फिर शुरू हो गई है। भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। 30 जहाज होर्मुज पार कर भारत आ रहे शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक 30 जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं और भारत की तरफ बढ़ रहे हैं। इनमें आधे यानी 15 जहाज LPG और LNG लेकर आ रहे हैं। 8 जहाज बल्क माल और 7 जहाज कच्चा तेल ला रहे हैं।
1 मार्च से 17 जून के बीच 19 जहाज निकले थे। ईरान-अमेरिका MoU के बाद 11 और जहाज सुरक्षित गुजरे हैं। 26 अन्य जहाज अभी भी होर्मुज से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। पहले मार्च 2026 में 19 जहाज होर्मुज में फंसे थे। 5 भारतीय जहाजों पर 1.7 लाख MT LPG लदा था जो लंगर डालकर खड़े थे।
भारत को क्यों है LPG की सख्त जरूरत?
भारत को हर महीने 30 LPG टैंकर चाहिए। कुल खपत 33.15 मिलियन मीट्रिक टन/साल है। भारत अपनी 60% LPG जरूरत आयात से पूरी करता है। इसका 90% हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। मार्च में 6 LPG टैंकर होर्मुज में फंसे थे जिनमें 3.38 लाख MT LPG थी - ये भारत की मासिक जरूरत का 20% था।
कैसे खुला होर्मुज का रास्ता?
फरवरी से चल रहे ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद सीजफायर हुआ है। ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' रोका। ईरान ने भारत, रूस, चीन, जापान, पाकिस्तान के जहाजों को जाने दिया। अमेरिका-इजरायल के जहाजों पर रोक। जहाज अब ईरान के लारक आइलैंड के पास से निकल रहे हैं। इसे 'तेहरान टॉल बूथ' कहा जा रहा है। IRGC जहाजों की पहचान चेक करता है।
भारत पर असर
पिछले महीनों तेल-गैस की किल्लत थी। अब 40 टैंकर भारत आने को बेताब हैं। शिवालिक, नंदा देवी, जग वसंत जैसे जहाज पहले ही पहुंच चुके हैं। देश गरिमा 97,000 MT कच्चा तेल लेकर आई। सप्लाई बढ़ने से LPG-तेल के दामों में कमी आ सकती है। ईरान ने कहा है कि 60 दिन बाद होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूला जाएगा। अभी भी 26 जहाज कतार में हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी "गलत जानकारी दी तो डील कैंसिल" मानी जाएगी।