UP News: यूपी के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) के आवेदन में इन शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब इन शिक्षकों को उनके विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण के पूर्ण अंक और प्राप्तांक प्रदान किए जाएंगे, जिससे सीटेट आवेदन प्रक्रिया सरल हो जाएगी।
असमंजस में थे हजारों शिक्षक
विशिष्ट बीटीसी एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम था, जो बीएड धारियों को प्राथमिक स्तर पर शिक्षण के लिए योग्य बनाने के लिए शुरू किया गया था। यह छह माह का ब्रिज कोर्स था, जिसे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त थी। यह प्रशिक्षण राइट टू एजुकेशन (आरटीई) अधिनियम लागू होने से पहले कराया गया था। प्रदेश में हजारों सहायक शिक्षक इसी प्रशिक्षण के आधार पर नियुक्त हुए हैं और प्राथमिक विद्यालयों में सेवारत हैं। हालांकि, सीटेट 2026 के पेपर-1 के आवेदन फॉर्म में विशिष्ट बीटीसी का स्पष्ट उल्लेख न होने से इन शिक्षकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। कई शिक्षक आवेदन करते समय प्रशिक्षण अंकों के मूल्यांकन को लेकर चिंतित थे।
सुप्रीम कोर्ट ने असमंजस किया दूर
इस मुद्दे पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने एससीईआरटी निदेशक को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने इस असमंजस को दूर कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विशिष्ट बीटीसी एनसीटीई मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण है और आरटीई से पहले का होने के कारण इसे पूर्ण मान्यता दी जाए। नतीजतन, सीटेट आवेदन में इन शिक्षकों को प्रशिक्षण के कुल अंक और प्राप्तांक मिलेंगे। इससे न केवल आवेदन प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि प्रमाण-पत्र की वैधता और आगे की योग्यताओं में भी मदद मिलेगी।
राहत से सेवारत शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस राहत से सेवारत शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा। कई शिक्षक प्रमोशन या अन्य अवसरों के लिए सीटेट देना चाहते हैं, लेकिन प्रशिक्षण अंकों की समस्या बाधा बन रही थी। अब यह बाधा दूर हो गई है। शिक्षक संगठनों ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे हजारों शिक्षकों को न्याय मिला है और उनकी सेवा सुरक्षित रहेगी।
शिक्षकों के करियर को नई दिशा देगी
शिक्षकों का मानना है कि यह फैसला प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा करता है। सीटेट अन्य राज्यों में शिक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है, इसलिए यह राहत इन शिक्षकों के करियर को नई दिशा देगी। सरकार अब जल्द ही संबंधित दिशा-निर्देश जारी करने वाली है, ताकि सीटेट आवेदन में कोई दिक्कत न आए। यह कदम उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगा।