UP News: अमेरिकी टैरिफ के संकट से जूझ रहे उत्तर प्रदेश के निर्यातकों के लिए राहतभरी खबर है। केंद्र सरकार और ओमान संग कोम्प्रिहैंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) से व्यापार बढ़ने जा रहा है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) के विशेषज्ञ का कहना है, ओमान गल्फ को-ऑपरेशन कॉउन्सिल (जीसीसी) देश में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। ओमान से अभी तक कानपुर का जो सालाना कारोबार 400-500 करोड़ रुपये था, वो तो बढ़ेगा ही, साथ ही अन्य पांच देशों- कुवैत, बहरीन, कतर, सऊदी अरब व यूएई में भी अब कारोबार विस्तार की सम्भावनाएं उभरी हैं।
अन्य देशों में बिजनेस का मिलेगा विकल्प
फियो के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने कहा, उप्र व कानपुर से बड़ी मात्रा में मीट उत्पाद भी गल्फ देशों को निर्यात किए जाते रहे हैं। ऐसे में अब यहां के निर्यातकों को अमेरिका के अलावा अब इन देशों में कारोबार का विकल्प मिलेगा।
सरकार की सराहनीय पहल
लेदर कारोबारी प्रेरणा वर्मा का कहना है, गल्फ देशों संग कारोबार करने का मौका मिलेगा, ये केंद्र की एक सराहनीय पहल है। पिछले लगातार कुछ माहों से कारोबार ठप है। हालांकि अब नए देशों में हम गल्फ देशों को अपने उत्पाद भेज सकेंगे।
यूपी के उत्पाद गल्फ देशों तक पहुंचेंगे
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने कहा, जीसीसी देशों के साथ कारोबार को लेकर भारतीय निर्यातकों के लिए एक अच्छा अवसर सामने आया है। अब इसे भुनाने की जरूरत होगी। इससे जहां उप्र के उत्पादों की गल्फ देशों तक पहुंच बढ़ेगी, वहीं निर्यातकों को मुनाफा भी मिल सकेगा।
गल्फ देशों में इन उत्पादों का होता निर्यात
कृषि खाद्य पदार्थ, ताज़ी सब्जियां, फल व हार्टीकल्चर उत्पाद, मीट उत्पाद, हस्तशिल्प व पारंपरिक उत्पाद, कालीन उत्पाद, लकड़ी, धातु, कारीगरी, फुटवियर व चमड़े के उत्पाद, टेक्सटाइल व परिधान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व मशीनरी उत्पाद, फर्नीचर व फिटिंग्स, लोहे, इस्पात के उत्पाद, मशीनरी पार्ट्स, औद्योगिक उत्पाद।
जीसीसी देशों संग जल्द फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
फियो के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया, जिस तरह अभी केंद्र की ओर से न्यूजीलैंड व अन्य देशों संग फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुए हैं, ठीक वैसे ही जीसीसी के सभी देशों संग जल्द फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हो सकता है। इससे गल्फ देशों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी। वहीं पूरा कारोबार शुल्क मुक्त उत्पादों के आधार पर होगा।