Sponsorship Scheme: उत्तर प्रदेश के कुछ बच्चों के लिए खुशखबरी है. क्योंकि सरकार ने कई साल पहले अनाथ बच्चों के लिए स्पांसरशिप योजना की शुरूआत की थी. लेकिन आज भी कुछ पात्र बच्चे योजना का लाभ नहीं ले पाते. क्योंकि उन्हे योजना के बारे में जानकारी ही नही है. आपको बता दें कि सरकार ने अनाथ बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके लिए कुछ आर्थिक मदद प्रतिमाह देने की स्कीम संचालित की है. लेकिन जानकारी अभाव में बच्चे लाभ नहीं ले पा रहे हैं. आइये जानते हैं योजना की पूरी जानकारी..
पिछले बढ़ाई गई थी धनराशि
जानकारी के मुताबिक, स्पांसरशिप योजना के तहत 2,000 रुपए अनाथ बच्चों को दिये जाते थे. लेकिन अब आर्थिक मदद को दोगुना कर दिया गया है. यानि अब पात्र बच्चों के खाते में 2 के स्थान पर चार हजार रुपए भेजे जा रहे हैं. आपको बता दें कि योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से किया जाता है. स्पांसरशिप योजना का लाभ पाने के लिए संबंधित आवेदक को कुछ जरूरी डॅाक्यूमेंटेशन करना होगा. यदि बच्चा सरकार की गाइडलाइन फॅालो करता है तो संबंधित को स्कीम का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा...
ये हैं पात्रता के मानक
आपको बता दें कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित स्पांसरशिप योजना के तहत अभी तक सिर्फ 2000 रुपए दिये जाते थे. जिन्हें बढ़ाकर अब दोगुना कर दिया गया है. यानि इसी माह से लाभार्थियों को 2 के स्थान पर 4 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से मदद की जाएगी. सरकार का इसके पीछे उद्देश्य है, ताकि गरीब बच्चों का पालन पोषण ठीक से हो सके.. साथ ही उनकी पढ़ाई में कोई अडचन न आए. विभाग के अधिकारी लोगों से अपील की है कि वे अपने आस-पास ऐसे जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए उनके अभिभावकों या संरक्षकों को न केवल योजना की जानकारी दें बल्कि उन्हें आवेदन करने के लिए भी प्रेरित करें.