Good News: उत्तर प्रदेश में दीपावली से पहले सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को त्योहार का तोहफा देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से करीब 14.82 लाख अराजपत्रित कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये बोनस के रूप में मिलेंगे। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद वित्त विभाग ने इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया है। इससे त्योहार के दौरान कर्मचारियों और उनके परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलेगी।
किसे मिलेगा बोनस और कितनी होगी रकम?
योगी सरकार के इस फैसले का लाभ केवल नियमित सरकारी विभागों के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारी, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और राजकीय विभागों के कार्यभारित कर्मचारी भी शामिल हैं। बोनस के लिए वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 तक के पदों पर कार्यरत पात्र कर्मचारियों को शामिल किया गया है। पुराने वेतनमान के हिसाब से यह सीमा 4,800 रुपये ग्रेड पे तक निर्धारित है। इसके अलावा कर्मचारियों के लिए 31 मार्च 2026 तक कम से कम एक साल की निरंतर सेवा पूरी करना भी जरूरी है।
75 फीसदी राशि पीएफ में, 25 प्रतिशत मिलेगी नकद
सरकार ने बोनस भुगतान के लिए नकद और बचत का फॉर्मूला निर्धारित किया है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को मिलने वाली कुल बोनस राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा नकद दिया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत रकम उनके सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में जमा की जाएगी। जिन कर्मचारियों का जीपीएफ खाता नहीं है, उनके लिए बचत वाले हिस्से की व्यवस्था राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) अथवा पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) के माध्यम से की जाएगी। हालांकि, जो कर्मचारी 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं या 30 अप्रैल 2027 तक रिटायर होने वाले हैं, उन्हें बोनस की पूरी रकम नकद देने का प्रावधान किया गया है।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
योगी सरकार ने दैनिक वेतन पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी बोनस के दायरे में शामिल किया है। ऐसे कर्मचारियों के लिए अधिकतम बोनस की राशि 1,184 रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं। छह दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में काम करने वाले दैनिक वेतनभोगियों को लगातार तीन साल की सेवा पूरी करनी होगी और प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन काम करना जरूरी होगा। वहीं, पांच दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में हर साल कम से कम 206 दिन काम करने की शर्त लागू होगी। इससे सरकारी विभागों में लंबे समय से कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों को भी त्योहार पर आर्थिक मदद मिल सकेगी।
इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा बोनस का फायदा
शासनादेश में बोनस पाने के लिए कुछ अपात्रता संबंधी शर्तें भी स्पष्ट की गई हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिन कर्मचारियों को विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मामले में दोषी ठहराते हुए दंडित किया गया है, उन्हें बोनस का लाभ नहीं मिलेगा। जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच या आपराधिक मुकदमा लंबित है, उनका बोनस मामले का अंतिम फैसला आने तक रोक दिया जाएगा। हालांकि, जांच में दोषमुक्त होने पर नियमानुसार रोकी गई बोनस राशि का भुगतान किया जा सकेगा। कुल मिलाकर योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को दीपावली के मौके पर राहत मिली है। 30 दिन के बोनस की मंजूरी से कर्मचारियों के त्योहार की खुशियां बढ़ने के साथ उनकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।