पटना में गोपाल खेमका हत्याकांड अब राजनीतिक रंग ले रहा है. सत्ताधारी JDU के प्रवक्ता अभिषेक झा ने महागठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि यह हत्या सरकार को बदनाम करने के लिए रची गई राजनीतिक साज़िश हो सकती है. उन्होंने आशंका जताई कि मुख्य आरोपी उमेश यादव का महागठबंधन से कोई संबंध है या नहीं इस दिशा में पुलिस गहन जांच कर रही है.
हत्या के पीछे महागठबंधन की साजिश!
पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की 4 जुलाई की रात हुई हत्या ने अब एक ज़बरदस्त सियासी मोड़ ले लिया है. जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने आरोप लगाया कि यह कोई आम हत्या नहीं है, बल्कि विपक्षी महागठबंधन खासकर RJD की तरफ से नीतीश कुमार की सरकार को बदनाम करने की राजनीतिक साज़िश हो सकती है.
बता दें कि पुलिस की कार्रवाई में मुख्य आरोपी उमेश यादव और साजिशकर्ता अशोक शाह की गिरफ्तारी हुई है. इसके अलावा हथियार का सप्लायर राजा उर्फ विकास पुलिस एनकाउंटर में मारा गया. अब पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि क्या उमेश का महागठबंधन से कोई संबंध है.
मामले का राजनीति वाला एंगल!
जेडीयू का दावा है कि अपराधियों और साजिशकर्ताओं के बीच राजनीतिक लिंक मिल रहे हैं, जो सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं. जेडीयू मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने साफ कहा कि नाम सामने आने पर राजनीतिक संरक्षण देने वालों को भी बेनकाब किया जाएगा.
बता दें कि अभी तक पुलिस ने मुर्दाघाट से लेकर 100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले हैं और घटनास्थल ‘दालदली रोड’ के पास की गवाहियों से केस की परतें सामने आ रही हैं. इसमें अब तक 7 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. जिसमें शूटर, सप्लायर और साजिशकर्ता शामिल हैं.
क्यों इस हत्या ने राजनीति में हलचल मचा दी?
यह हत्या विधानसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले हुई है, इसलिए अब इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिशें तेज हो रही हैं . घटना के बाद महागठबंधन राज्य सरकार को घेर रहा है. राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई बड़े नेता नीतीश सरकार पर बिहार को ‘क्राइम कैपिटल’ बनाने का आरोप लगा रहे हैं और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
पुलिस की कार्रवाई कहां तक पहुंची?
बिहार पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है. पूरे नेटवर्क, राजनीतिक लिंक और हत्या से जुड़े तमाम पहलुओं के आधार पर अपराध की गुत्थी सुलझाने में जुटी है.