Gopal Khemka murder: पटना के गांधी मैदान इलाके में शुक्रवार रात बड़ी वारदात सामने आई, जब जाने-माने व्यवसायी गोपाल खेमका की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद राजधानी में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाई लेवल बैठक कर अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मौके से मिले सीसीटीवी फुटेज ने जांच को नया मोड़ दिया है। पुलिस ने इस मामले में SIT का गठन कर जांच तेज कर दी है।
हत्या से दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
राम गुलाम चौक के पास हुई इस हत्या से पटना में दहशत का माहौल है। हैरानी की बात यह है कि घटना स्थल से गांधी मैदान थाना महज 500 मीटर की दूरी पर है, बावजूद इसके पुलिस को सूचना मिलने में दो घंटे लग गए। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, घटना मुहर्रम के हाई अलर्ट वाले दिन हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है।
सीसीटीवी फुटेज से खुलासा – अकेला था शूटर
पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में शूटर की मूवमेंट साफ देखी गई है। बाइक सवार हत्यारा लगातार किसी से कॉल पर बात कर रहा था। जैसे ही गोपाल खेमका की गाड़ी मौके पर पहुंची, उसने कॉल काटकर फायरिंग की और फरार हो गया। सीसीटीवी में वह फ्रेजर रोड, एसपी वर्मा रोड होते हुए अटल पथ और जेपी सेतु पार कर सोनपुर होते हुए हाजीपुर की ओर भागता नजर आया।
जांच के लिए SIT का गठन, CBI जांच की मांग
इस हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी के निर्देश पर SIT का गठन किया गया है। STF और SIU की टीमें भी जांच में लगाई गई हैं। इधर, इस मामले की CBI जांच की मांग भी उठने लगी है। एक सांसद ने राज्यपाल से मिलकर केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग करने की बात कही है।
CM नीतीश कुमार ने दिए सख्त निर्देश
घटना के बाद सीएम नीतीश कुमार ने कानून-व्यवस्था को लेकर हाई लेवल मीटिंग की। उन्होंने साफ कहा कि जो भी गोली चलाने वाला है, वह चाहे जो हो – बख्शा नहीं जाएगा। सीएम ने यह भी कहा कि अगर किसी भी स्तर पर पुलिस की लापरवाही सामने आई, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खेमका परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
गोपाल खेमका के परिवार में मातम का माहौल है। उनकी पत्नी दिल्ली से पटना पहुंचीं, तो पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। गौरतलब है कि 2018 में उनके बेटे गुंजन खेमका की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब एक और हत्या से पूरा परिवार सदमे में है।
व्यवसायिक जगत में आक्रोश
व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर आक्रोश है। कारोबारियों का कहना है कि अगर टैक्स देने वाले प्रतिष्ठित लोगों की जान सुरक्षित नहीं है, तो सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है। व्यापारी संगठनों ने सरकार से दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है।