
त्योहारों के मौसम में जब लोग घर जाने की तैयारी कर रहे हैं. ठीक उसी वक्त रेलवे ने बड़ा झटका दे दिया है. पूर्वोत्तर रेलवे (NER) ने घोषणा की है कि 19 से 30 सितंबर 2025 तक 63 जोड़ी ट्रेनें पूरी तरह से रद्द रहेंगी और 26 ट्रेनों के रूट बदल दिए जाएंगे. यह फैसला गोरखपुर जंक्शन-डोमिनगढ़ के बीच तीसरी रेल लाइन और गोरखपुर-नकहा जंगल के बीच दोहरीकरण के काम की वजह से लिया गया है. रेलवे का कहना है कि यह काम भविष्य में बेहतर सुविधाओं के लिए किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ेगा. बता दें कि गोरखपुर से डोमिनगढ़ के बीच 4 किलोमीटर की तीसरी लाइन और गोरखपुर से नकहा जंगल के बीच 5 किलोमीटर का दोहरीकरण किया जा रहा है. इसके लिए 22 सितंबर को प्री-इंटरलॉक और 23 से 26 सितंबर तक नॉन-इंटरलॉक कार्य होगा. इस दौरान ट्रैक पर ब्लॉक रहेगा और ट्रेनें प्रभावित होंगी. 26 सितंबर को रेल संरक्षा आयुक्त इस काम का निरीक्षण भी करेंगे. त्योहारों जैसे दशहरा, दीपावली और छठ से ठीक पहले इतने बड़े पैमाने पर ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट करने से यात्रियों को भारी मुश्किल झेलनी पड़ेगी. खासकर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, जम्मू और अमृतसर जैसे बड़े शहरों के लिए चलने वाली ट्रेनों के बंद रहने से लाखों लोग प्रभावित होंगे.
कौन सी ट्रेनें होंगी रद्द?
थावे-नकहा जंगल डेमू (75105/75106): 19 से 30 सितंबर तक बंद
गोरखपुर-बठिंडा एक्सप्रेस (12555/12556): 21 से 28 सितंबर तक बंद
गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (15017/15018): 21 से 29 सितंबर तक बंद
गोरखपुर-अमृतसर एक्सप्रेस (22423/22424): 21 और 22 सितंबर को बंद
गोरखपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस (12587/12588): 22 और 27 सितंबर को बंद
गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनस (12595/12596): 22 से 26 सितंबर तक बंद
गोरखपुर-तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस (12511/12512): 25 और 28 सितंबर को बंद
इसके अलावा गोरखपुर-गोंडा, गोरखपुर-छपरा और नरकटियागंज-गोरखपुर जैसी कई पैसेंजर और डेमू ट्रेनें भी रद्द रहेंगी.
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किन ट्रेनों के रास्ते बदले?
कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस अब छपरा- वाराणसी- प्रयागराज होकर जाएगी.
बांद्रा टर्मिनस- बरौनी एक्सप्रेस लखनऊ- सुल्तानपुर- वाराणसी होकर जाएगी.
जयनगर- अमृतसर एक्सप्रेस छपरा- वाराणसी- सुल्तानपुर होकर चलेगी.
हावड़ा-काठगोदाम एक्सप्रेस वाराणसी-अयोध्या कैंट होकर जाएगी.
इन बदलावों की वजह से गोरखपुर, सीवान, बस्ती और गोंडा जैसे बड़े स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी.
फायदा क्या होगा?
रेलवे का दावा है कि काम पूरा होने के बाद लाइन क्षमता बढ़ जाएगी. ट्रेनें समय पर चलेंगी और त्योहारों में ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई जा सकेंगी.वहीं मालगाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ेगी. लेकिन त्योहारों से पहले यात्रियों की परेशानी तय है.