Gorakhpur crime:गोरखपुर के कुख्यात अपराधी चंदन सिंह को आखिरकार कानून ने सजा सुना दी. दीवाली के दिन सरेआम डोहरिया बाजार में संतोष सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में गोरखपुर कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है. अपर सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार राय की अदालत ने चंदन को दोषी मानते हुए ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया.
सजा की मुहर: कोर्ट में दमदार पैरवी
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र दुबे और अतुल शुक्ला ने मामले की मजबूती से पैरवी की. इसके बाद अदालत ने अपने फैसले में कहा कि चंदन सिंह का अपराध सिद्ध हुआ है और वह आजीवन कारावास के योग्य है. अब वह गौतमबुद्ध नगर जेल में सजा काट रहा है.
खौफ का नाम: 45 केस, 6 हत्याएं और रंगदारी की दहशत
चंदन सिंह का आपराधिक इतिहास बेहद खतरनाक है. उस पर हत्या, हत्या की कोशिश, लूट और रंगदारी समेत कुल 45 मुकदमे दर्ज हैं. वह रंगदारी न देने पर व्यापारियों, डॉक्टरों, इंजीनियरों और ठेकेदारों पर हमला करने के लिए कुख्यात रहा है. यहां तक कि जेल के अंदर से भी रंगदारी मांगने के आरोप उस पर लग चुके हैं.
गैंगवार का सरगना: दो बार फरार, अब जेल में शिकंजा
चंदन सिंह के गिरोह में 18 सक्रिय सदस्य हैं, जिसमें उसका भाई नंदन भी शामिल है. वह दो बार पुलिस कस्टडी से फरार हो चुका है. 2010 के बाद से गोरखपुर, उरुवा और भगत चौराहा जैसे इलाकों में उसके खिलाफ फायरिंग, हत्या और दहशत के कई मामले सामने आए. उसका नाम गोरखपुर के टॉप 10 अपराधियों में शुमार था.
अंत में कानून का शिकंजा
अंततः कानून ने चंदन सिंह को उसी के अपराधों की सजा दे दी है. अब वह जीवनभर जेल की सलाखों के पीछे रहेगा, जहां उसके अपराधों का हिसाब लिया जाएगा. यह फैसला न केवल गोरखपुर, बल्कि पूरे पूर्वांचल के लिए एक बड़ा संदेश है कि अपराध कितना भी संगठित हो, न्याय की पहुंच से दूर नहीं है.