
गोवर्धन पूजा का पर्व हर साल दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर लोगों को इंद्र देव के प्रकोप से बचाने की याद में मनाया जाता है। साल 2025 में गोवर्धन पूजा 29 अक्टूबर, बुधवार को है। इस दिन भक्तगण भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की विशेष पूजा करते हैं। हालांकि कई बार लोग पूजा के दौरान कुछ ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं, जिनसे पूजा का फल कम हो जाता है या नकारात्मक असर भी पड़ सकता है।
1. गोवर्धन पूजा का मुहूर्त न देखना
पूजन का सबसे पहला नियम है कि इसे शुभ मुहूर्त में किया जाए। बिना मुहूर्त देखे पूजा करने से उसका प्रभाव घट जाता है। 2025 में गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:34 बजे से 8:49 बजे तक है। इस समय के भीतर ही पूजा करनी चाहिए।
2. गाय के गोबर से गोवर्धन न बनाना
इस दिन गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत और गाय-बैल की आकृति बनाना बहुत शुभ माना जाता है। अगर यह ना किया जाए, तो पूजा अधूरी मानी जाती है। गोबर को शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक माना गया है।
3. भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में लापरवाही
कई लोग केवल गोवर्धन पर्वत की पूजा कर लेते हैं और भगवान श्रीकृष्ण को भूल जाते हैं। जबकि यह पर्व उन्हीं की कृपा के कारण मनाया जाता है। इस दिन श्रीकृष्ण को धूप, दीप, नैवेद्य और तुलसी पत्र जरूर अर्पित करें।
4. अन्नकूट का भोग न लगाना
गोवर्धन पूजा में अन्नकूट का विशेष महत्व है। इस दिन कई तरह के व्यंजन बनाकर भगवान को भोग लगाना चाहिए। बिना भोग के पूजा अधूरी मानी जाती है।
5. क्रोध या झगड़े से बचें
पूजा के दिन मन को शांत और पवित्र रखना जरूरी होता है। यदि कोई क्रोध करता है, झगड़ा करता है या अपवित्रता फैलाता है, तो पूजा का असर कम हो सकता है।