
गोवर्धन पूजा 2025: दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा का पर्व बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जाता है। यह त्योहार भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की घटना की याद में मनाया जाता है। इस दिन लोग भगवान को प्रसन्न करने के लिए खास पूजा करते हैं और अन्नकूट का भोग लगाते हैं। साल 2025 में गोवर्धन पूजा 29 अक्टूबर, बुधवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार गोवर्धन पूजा कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है। 2025 में पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:34 बजे से 8:49 बजे तक रहेगा। इस समय के दौरान पूजा करना शुभ माना जाता है और इससे भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
गोवर्धन पूजा की विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके घर के आंगन को साफ किया जाता है। फिर गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत और गाय-बैल की आकृतियाँ बनाई जाती हैं। इन प्रतीकों को फूलों से सजाया जाता है। भगवान कृष्ण की मूर्ति या तस्वीर को भी पूजा स्थल पर रखा जाता है। धूप, दीप, फूल, मिठाई और जल से पूजा की जाती है। इसके बाद अन्नकूट की परंपरा निभाई जाती है, जिसमें तरह-तरह के पकवान बनाकर भगवान को भोग लगाया जाता है। फिर परिवार और पड़ोसी मिलकर इन व्यंजनों को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। कुछ स्थानों पर गोवर्धन की परिक्रमा करने की भी परंपरा है।
पर्व का महत्व
गोवर्धन पूजा हमें यह सिखाती है कि हमें प्रकृति और जानवरों का सम्मान करना चाहिए। श्रीकृष्ण ने इस पर्व के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया कि हमें दिखावे से ऊपर उठकर अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। यह त्योहार समाज में एकता और सहयोग का भी प्रतीक है।
क्या करें इस दिन
गायों की सेवा करें
अन्नकूट का भोग बनाएं
गरीबों को भोजन कराएं