महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड के संग एक एलओआई (LOI) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एलओआई के जरिए महाराष्ट्र सरकार स्टारलिंक के संग औपचारिक रूप से सहयोग करेगी। राज्य के दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में गढ़चिरौली, नंदुरबार, धाराशिव और वाशिम में सरकारी संस्थानों, ग्रामीण समुदायों में सेवाओं को पहुंचाना है। इसके लिए उपग्रह-आधारित इंटरनेट सेवाओं को बढ़ावा दिया गया है।
आशीष शेलार की उपस्थिति में आशय पत्र पर हस्ताक्षर
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री आशीष शेलार की मौजूदगी में आशय पत्र पर साइन किया गया है। महाराष्ट्र स्टारलिंक के संग साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य हो चुका है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सूचना को साझा करके जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि स्टारलिंक की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रेयर का बुधवार को मुंबई में स्वागत करना खास था। यहां पर महाराष्ट्र सरकार ने स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड के संग लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) पर साइन किए। इस समझौते तहत महाराष्ट्र, स्टारलिंक के साथ औपचारिक रूप से सहयोग करने वाला पहला भारतीय राज्य हो चुकहै।
स्टारलिंक सैटेलाइट एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की ओर से विकसित एक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है। यह सेवा दुनिया भर में तेज गति वाली ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं प्रदान करती है।
स्टारलिंक की खासियत
लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स: स्टारलिंक के सैटेलाइट्स पृथ्वी की निचली कक्षा में तैनात हैं। ये तेजी से और विश्वसनीय इंटरनेट सेवाएं देने में सक्षम है।
हाई-स्पीड इंटरनेट: स्टारलिंक 100 Mbps से 200 Mbps तक स्पीड देता है। ये ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और इमरजेंसी सेवाओं के लिए उपयोगी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बनेगी पहुंच: स्टारलिंक की सेवा उन क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हैं जो दुर्गम इलाके हैं। यहां पर इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।