ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए एक बड़ी और काम की खबर सामने आई है। इसके बाद अब लोगों को शादी, जन्मदिन, मुंडन, या किसी भी सामाजिक कार्यक्रम के लिए न महंगे बैंक्वेट हॉल के चक्कर काटने होंगे और न ही जगह की कमी से समझौता करना पड़ेगा। दरअसल ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस परेशानी को दूर करने के लिए एक बड़ी योजना शुरू कर दी है। इस योजना के तहत शहर के अलग-अलग सेक्टरों और गांवों में 16 नए सामुदायिक केंद्र (कम्युनिटी सेंटर) बनाए जा रहे हैं।
क्यों खास है ये योजना?
ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लाखों लोगों को अक्सर सामाजिक समारोहों के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाता था। मजबूरी में उन्हें या तो बहुत महंगे प्राइवेट हॉल बुक करने पड़ते थे या फिर बाहर खुले में टेंट लगाकर कार्यक्रम करने पड़ते थे, जिसमें सुविधा की कमी होती थी। अब इस नई योजना से यह दिक्कत खत्म होने जा रही है।
कहां-कहां बनेंगे सामुदायिक केंद्र?
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने जानकारी दी है कि इन 16 सामुदायिक केंद्रों में से 12 का निर्माण कार्य ज़ोर-शोर से चल रहा है, जबकि 4 अन्य जगहों पर निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा। इन सभी सामुदायिक केंद्रों पर कुल मिलाकर लगभग 25 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह सामुदायिक केंद्र उन सेक्टरों और गांवों में बनाए जा रहे हैं, जहां अभी तक कोई ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, जहां पहले से सामुदायिक केंद्र हैं लेकिन उनकी हालत खराब हो गई है, वहां मरम्मत और अपग्रेडेशन का भी काम किया जाएगा।
कैसा होगा इन सामुदायिक केंद्रों का डिज़ाइन?
इन सभी सामुदायिक केंद्रों को आधुनिक और दो मंजिला बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को सभी सुविधाएं एक ही जगह मिल सकें। ग्राउंड फ्लोर में एक बड़ा पार्टी हॉल, किचन, स्टोर रूम, एक गेस्ट रूम, साथ ही लेडीज और जेंट्स वॉशरूम होंगे। पहली मंजिल पर लॉबी, लाइब्रेरी, और अन्य जरूरी सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही साथ हर केंद्र में लगभग 50 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे लोगों को पार्किंग की टेंशन भी नहीं होगी।
मध्यम वर्ग और आम आदमी को सीधा फायदा
इस योजना से मध्यम वर्ग और आम आदमी को सीधा फायदा मिलेगा। जहां एक प्राइवेट बैंक्वेट हॉल बुक करने में 3 से 5 लाख रुपये तक लग जाते हैं, वहीं ये सामुदायिक केंद्र केवल 10 से 20 हजार रुपये में बुक हो सकेंगे। मतलब कम दाम में बढ़िया सुविधा और वो भी अपने ही मोहल्ले में। इससे दूरी के चलते लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर अलग से रुपये खर्च करने भी नहीं पड़ेंगे।
कब तक मिलेंगी ये सुविधाएं?
प्राधिकरण ने यह तय किया है कि साल के अंत तक अधिकांश सामुदायिक केंद्र बनकर तैयार हो जाएंगे। सीईओ ने प्रोजेक्ट विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर और गुणवत्ता से काम पूरा करें, ताकि जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
प्राधिकरण कर रहा एक नई शुरुआत
इस योजना के ज़रिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारतें नहीं बना रहा, बल्कि वह समाज को जोड़ने, सहयोग बढ़ाने और लोगों की खुशियों में साझेदार बनने की एक नई शुरुआत कर रहा है। जिससे अब हर परिवार को मिलेगा साफ-सुथरा, सस्ता और सुलभ स्थान, जहां वे अपने खास पलों को पूरे सम्मान और सुविधा के साथ मना सकेंगे।