government employee increase ssalary: 1 जुलाई 2025 से औद्योगिक महंगाई भत्ते (IDA) में बढ़ोतरी केंद्र सरकार ने सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) में कार्यरत अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. 1 जुलाई 2025 से इन कर्मचारियों के औद्योगिक महंगाई भत्ते (IDA) की दर में संशोधन करते हुए इसे 49 प्रतिशत कर दिया गया है. यह बढ़ोतरी विशेष रूप से उन बोर्ड-स्तर और उससे नीचे के अधिकारियों व पर्यवेक्षकों के लिए है जो 2017 के पे स्केल पर काम कर रहे हैं. वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) ने इस संबंध में आदेश जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यह वृद्धि DPE के पूर्व आदेशों पर आधारित है, जिनके तहत 2017 पे स्केल को लागू किया गया था. यह कदम कर्मचारियों की मासिक सैलरी में सीधे इजाफा करेगा, जिससे बढ़ती महंगाई के बोझ को कम करने में मदद मिलेगी.
जल्द कर्मचारियों को पहुंचेगा लाभ
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित IDA वृद्धि औद्योगिक महंगाई भत्ता (IDA) हर छह महीने में समायोजित किया जाता है और यह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित होता है। 49% की यह नई दर संकेत देती है कि पिछले कुछ महीनों में महंगाई का स्तर बढ़ा है, जिसकी भरपाई कर्मचारियों को की जा रही है. DPE ने सभी मंत्रालयों और प्रशासनिक विभागों को यह जानकारी अपने अधीन आने वाले सार्वजनिक उपक्रमों तक तुरंत पहुंचाने का निर्देश दिया है ताकि प्रभावित कर्मचारियों को समय पर संशोधित भुगतान मिल सके. यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि यह लाभ जल्द से जल्द कर्मचारियों तक पहुंचे.
आठवें वेतन आयोग की आहट
2026 से बड़े बदलाव की संभावना इन वेतन वृद्धियों के बीच, देश के 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनधारकों के लिए एक और बड़ी खबर है. आठवां वेतन आयोग जनवरी 2026 से लागू होने की प्रबल संभावना है. सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर 2.86 प्रतिशत तक हो सकता है, जिससे स्तर-2 कर्मचारियों के मूल वेतन में लगभग 50% की वृद्धि हो सकती है.
कर्मचारियों का बढ़ेगा वेतन
इससे केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹40,000 से अधिक हो सकता है. हालाँकि, कैबिनेट ने 16 जनवरी 2025 को आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी थी, कर्मचारियों द्वारा अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी न होने को लेकर चिंता जताई जा रही है. सरकार से जल्द ही इस पर स्पष्टीकरण की उम्मीद है.