Government Firm on Demographic Change: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलावों का अध्ययन करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति को सीमा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि समिति सीमा से जुड़े जिलों, महानगरों और औद्योगिक शहरों का दौरा कर यह अध्ययन करे कि अवैध प्रवास और अन्य कारणों से जनसंख्या में किस प्रकार के बदलाव हो रहे हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे बदलावों का प्रभाव राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।
अवैध प्रवास और जनसंख्या बदलाव की होगी जांच
गृह मंत्रालय ने हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों का अध्ययन करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य जनसंख्या संरचना में बदलाव के कारणों की पहचान करना और उससे जुड़े मुद्दों पर सरकार को सुझाव देना है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नोलेकर कर रहे हैं। समिति में प्रशासन, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
धार्मिक और सामाजिक पहलुओं का भी होगा अध्ययन
सरकार के अनुसार समिति केवल जनसंख्या वृद्धि या कमी का अध्ययन नहीं करेगी, बल्कि विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समुदायों के बीच हो रहे असामान्य बदलावों का भी विश्लेषण करेगी। गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि जनसंख्या संरचना में बदलाव का संबंध केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, सामाजिक संतुलन और आदिवासी समुदायों की पहचान से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए इस विषय का व्यापक और गहन अध्ययन आवश्यक है।
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वैज्ञानिक तरीके से होगी पड़ताल
समिति विभिन्न क्षेत्रों में जनसंख्या बदलाव के कारणों की वैज्ञानिक तरीके से जांच करेगी। इसके तहत अवैध प्रवास, सीमा पार गतिविधियां, रोजगार के अवसर, शहरीकरण और अन्य सामाजिक-आर्थिक कारणों का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही उन क्षेत्रों की पहचान भी की जाएगी, जहां जनसंख्या में बदलाव सामान्य रुझानों से अलग दिखाई दे रहे हैं। सरकार चाहती है कि अध्ययन तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर किया जाए ताकि भविष्य की नीतियां अधिक प्रभावी बन सकें।
अवैध प्रवासियों की पहचान पर भी बनेगी रणनीति
समिति को देश में रह रहे अवैध प्रवासियों की पहचान, हिरासत और समयबद्ध निर्वासन की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। सरकार का उद्देश्य ऐसी स्थायी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे कानून के दायरे में रहते हुए अवैध प्रवास से जुड़े मामलों का समाधान किया जा सके। समिति की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार आगे की नीति और कार्रवाई पर निर्णय ले सकती है।