साल 2025 की शुरुआत शेयर बाज़ार के लिए बेहद खास रही। जैसे फ़िल्मी दुनिया में धुरंधर नाम ने हलचल मचाई थी, वैसे ही अब बाज़ार में सरकार की एक कंपनी ने उतरते ही निवेशकों का ध्यान खींच लिया। भारत कोकिंग कोल का 1071 करोड़ रुपये का आईपीओ शुक्रवार को खुला और महज़ 30 मिनट के भीतर ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। सुबह साढ़े दस बजे तक यह इश्यू 1.12 गुना भर चुका था, जिसने साफ संकेत दे दिया कि निवेशकों का भरोसा इस सरकारी कंपनी पर मजबूत है।
निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी
इस आईपीओ में सबसे ज़्यादा उत्साह गैर-संस्थागत निवेशकों और खुदरा निवेशकों में देखने को मिला। एचएनआई वर्ग में करीब दो गुना सब्सक्रिप्शन हुआ, जबकि रिटेल निवेशकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शेयरधारकों के लिए रखा गया कोटा भी तय सीमा से ज्यादा भरा। हालांकि बड़े संस्थागत निवेशकों की भागीदारी शुरुआत में कम रही, लेकिन कुल मिलाकर मांग ने बाज़ार को चौंका दिया।
ग्रे मार्केट से मिले मजबूत संकेत
आईपीओ को ग्रे मार्केट में भी शानदार रिस्पॉन्स मिला। अनौपचारिक बाज़ार में यह इश्यू अपने तय दाम से करीब 50 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड करता दिखा। इससे निवेशकों को उम्मीद जगी कि लिस्टिंग के दिन अच्छा मुनाफा मिल सकता है। हालांकि जानकारों का कहना है कि ग्रे मार्केट का भाव बाज़ार की भावना दिखाता है और इसमें उतार-चढ़ाव संभव है।
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आईपीओ की पूरी जानकारी
भारत कोकिंग कोल का यह आईपीओ 13 जनवरी को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है और न्यूनतम आवेदन 600 शेयर का है। यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल है, यानी इससे कंपनी को सीधे नया पैसा नहीं मिलेगा। लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर एनएसई और बीएसई दोनों पर ट्रेड होंगे।
कंपनी की ताकत क्या है
भारत कोकिंग कोल देश में कोकिंग कोल की सबसे बड़ी उत्पादक कंपनियों में शामिल है। स्टील उद्योग के लिए यह कोयला बेहद अहम माना जाता है। कंपनी के पास विशाल कोयला भंडार है और इसका उत्पादन देश की घरेलू ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करता है। झारखंड और पश्चिम बंगाल में फैली खदानों की वजह से कंपनी की सप्लाई मजबूत बनी रहती है।
सब्सक्राइब करें या नहीं
विशेषज्ञों की राय है कि यह आईपीओ लिस्टिंग गेन के लिहाज़ से आकर्षक हो सकता है। कंपनी की मज़बूत स्थिति, सरकारी समर्थन और कोकिंग कोल की मांग इसके पक्ष में जाती है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इसमें सीमित तेजी की संभावना बताई जा रही है। ऐसे में जानकार इसे शॉर्ट-टर्म मौके के तौर पर देखने की सलाह दे रहे हैं, जहां लिस्टिंग के समय अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद की जा रही है।