भोपाल में हुए दर्दनाक स्कूल बस हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रवैया अपना लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 मई से पूरे प्रदेश में विशेष चेकिंग अभियान शुरू करने का आदेश दिया है। अभियान के तहत वाहनों की फिटनेस, बीमा, पंजीयन और परमिट की गहन जांच की जाएगी। बिना दस्तावेजों के सड़क पर चल रही बसों और अन्य वाहनों को अब बख्शा नहीं जाएगा। यह संयुक्त अभियान पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर संचालित करेंगे। लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न दोहराए जाएं।
भोपाल हादसे ने हिलाया प्रशासन, स्कूल बस ने ली जान
राजधानी भोपाल के बाणगंगा चौराहे पर सोमवार को एक स्कूल बस का ब्रेक फेल हो गया। अनियंत्रित बस ने कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों को रौंद दिया। इस हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए और 22 वर्षीय युवती डॉ. आयशा खान की मौके पर मौत हो गई। जांच में सामने आया कि बस का फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा और रजिस्ट्रेशन समाप्त हो चुका था, फिर भी वह सड़कों पर दौड़ रही थी।
सीएम मोहन यादव का निर्देश: दस्तावेज अधूरे तो गाड़ी सड़क से बाहर
हादसे के बाद सीएम ने पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि प्रदेशव्यापी जांच अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, "नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। हर वाहन की जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।"
लापरवाह अधिकारी सस्पेंड, चालक-मालिक पर FIR
स्कूल बस हादसे में प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई। भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह ने RTO जितेंद्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उन्हें मुख्यालय अटैच कर दिया गया। बस के मालिक और चालक पर एफआईआर दर्ज की गई है।
अब नहीं चलेगी अनफिट गाड़ी
13 मई से शुरू हुए इस अभियान में बिना फिटनेस, बीमा और परमिट वाले सभी वाहन चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खासकर स्कूल बसों, यात्री वाहनों और भारी वाहनों की विशेष जांच की जा रही है।