कुछ दिन पहले सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पेट्रोल-डीजल ₹25-28 महंगा होगा। चुनाव और ईरान-अमेरिका तनाव का हवाला दिया गया। आंध्र प्रदेश समेत कई शहरों में "दाम बढ़ने वाले हैं" की अफवाह से लोग पेट्रोल-डीजल भरवाने दौड़ पड़े। इससे डीजल की मांग 30-33% बढ़ गई और रविवार को 400+ पेट्रोल पंप खाली हो गए।
डीजल और LPG का पर्याप्त भंडार
पेट्रोलियम मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा-"पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है"। सरकार ने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त भंडार है। उपलब्धता की कोई समस्या नहीं है। लोगों से कहा गया है कि घबराहट में खरीदारी न करें। PSU पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
रूट पर तनाव के कारण
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' रूट पर तनाव के कारण। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट में चुनाव बाद दाम बढ़ने की आशंका जताई थी। 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल चुनाव का आखिरी चरण है, जिसके बाद दाम बढ़ने की चर्चा थी। सरकार ने दोहराया है कि दाम स्थिर रखे जाएंगे। भारत दुनिया का इकलौता बड़ा देश है जहां पिछले 4 साल में कीमतें लगभग स्थिर रही हैं। तो टेंशन न लें, पंपों पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं है।
क्यों उड़ी अफवाह?
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' रूट पर तनाव के कारण कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट में चुनाव बाद दाम बढ़ने की आशंका जताई थी। 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल चुनाव का आखिरी चरण है, जिसके बाद दाम बढ़ने की चर्चा थी।