Women Household Work Survey : घर संभालने वाली महिलाओं के काम को अब सरकारी आंकड़ों में दर्ज करने की तैयारी है। नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत घर में बिना वेतन काम करने वाली महिलाओं के योगदान को भी बेहतर तरीके से दर्ज किया जाएगा। अभी ऐसे कामों को रोजगार के आंकड़ों में सही जगह नहीं मिल पाती। नए बदलाव से यह समझने में मदद मिलेगी कि महिलाएं घर और परिवार को संभालने में कितना समय लगाती हैं और उनका काम अर्थव्यवस्था में किस तरह योगदान देता है।
Swiggy-Zomato और Ola-Uber वालों का भी सर्वे
सरकार की योजना डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने वाले लोगों की स्थिति को भी बेहतर ढंग से समझने की है। इसके लिए Ola, Uber, Swiggy, Zomato, Amazon और Urban Company जैसे मंचों से जुड़े कामगारों के परिवारों के लिए अलग सैंपलिंग स्ट्रैटम बनाने का प्रस्ताव है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कितने लोग इन ऐप के जरिए कमाई करते हैं और उनकी आजीविका इन पर कितनी निर्भर है। साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े रोजगार की स्थिति और अर्थव्यवस्था में उनके योगदान का भी बेहतर आकलन हो सकेगा।
अभी आंकड़ों में क्या छूट जाता है?
अब तक सरकारी रोजगार सर्वे में प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लोगों की स्थिति और उनके काम की प्रकृति की पूरी तस्वीर सामने नहीं आ पाती थी। कई लोग कैब चलाते हैं, खाना पहुंचाते हैं या ऑनलाइन सेवाएं देते हैं, लेकिन इनकी कमाई और काम पर निर्भरता का अलग से आकलन करना चुनौतीपूर्ण रहा है। इसी तरह घर में खाना बनाने, सफाई करने और परिवार के सदस्यों की देखभाल जैसे कामों को भी रोजगार के आंकड़ों में पूरी तरह समझना मुश्किल होता है। नए प्रस्ताव का उद्देश्य इन गतिविधियों की बेहतर जानकारी जुटाना है।
बेरोजगारी और कम रोजगार पर भी नजर
PLFS में प्रस्तावित बदलावों के तहत रोजगार से जुड़े सवालों का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि कितने लोगों को उनकी योग्यता के हिसाब से काम नहीं मिल रहा और कितने लोग अपनी जरूरत के मुताबिक पर्याप्त काम नहीं कर पा रहे हैं। रोजगार की कमी और कौशल के अनुसार काम न मिलने जैसी स्थितियों को अंडर-एम्प्लॉयमेंट कहा जाता है। बेहतर आंकड़े मिलने से देश में रोजगार की वास्तविक स्थिति को समझने और नीतियां बनाने में मदद मिल सकती है।
नया सर्वे कब से शुरू होगा?
ये बदलाव सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी कॉन्सेप्ट नोट का हिस्सा हैं। प्रस्ताव के मुताबिक, नया सर्वे चक्र 2027-28 में शुरू होगा। फिलहाल चल रहा दो साल का सर्वे चक्र दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। इसके बाद पैनल 6 के तहत नया चक्र शुरू करने की योजना है। इसी चरण में प्लेटफॉर्म वर्कर्स और बिना वेतन किए जाने वाले काम से जुड़े आंकड़ों को सर्वे में शामिल करने का प्रस्ताव है।
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महिलाओं और गिग वर्कर्स के लिए क्यों अहम है बदलाव?
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो महिलाओं के घरेलू काम और डिजिटल प्लेटफॉर्म से कमाई करने वाले लोगों की स्थिति को समझने के लिए अधिक व्यवस्थित आंकड़े मिल सकेंगे। इससे नीति बनाने वालों को यह जानने में मदद मिलेगी कि रोजगार के कौन से रूप तेजी से बढ़ रहे हैं और किन लोगों के काम को अब तक पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाई है। हालांकि, सर्वे में काम दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि घरेलू काम के लिए महिलाओं को वेतन मिलना शुरू हो जाएगा। फिलहाल यह रोजगार और आर्थिक योगदान की तस्वीर को बेहतर बनाने की योजना है।