IndiGo crisis: कई दिनों से जारी उड़ानों की रद्दीकरण और एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी के बीच नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने इंडिगो एयरलाइंस को कड़ी चेतावनी दी है। मंत्री ने कहा कि इंडिगो का यह संकट पूरी तरह उसकी “अंदरूनी अव्यवस्था” का नतीजा है, जो नए पैसेंजर सेफ्टी नॉर्म्स लागू होने के बाद सामने आया। उन्होंने राज्यसभा में स्पष्ट कहा कि यात्रियों को हुई परेशानी को सरकार हल्के में नहीं ले रही और मामले की विस्तृत जांच चल रही है। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार देश में और एयरलाइन प्लेयर्स चाहती है और भारत की क्षमता कम से कम पांच बड़ी विमानन कंपनियों को संभाल सकती है। विपक्ष ने हालांकि मंत्री के बयान पर असंतोष जताते हुए सदन से वॉकआउट किया।
इंडिगो की उड़ानें ठप
इंडिगो एयरलाइन पिछले कई दिनों से गंभीर संचालन संकट से जूझ रही है। सोमवार को भी करीब 500 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 1,800 से ज्यादा उड़ानों का परिचालन हुआ। इससे पहले 4 दिसंबर को एयरलाइन ने शेड्यूल मैनेजमेंट में बड़ी दिक्कत बताते हुए अचानक 400 उड़ानें रद्द कर दी थीं। 5 दिसंबर को स्थिति और बिगड़ गई और लगभग 1,500 घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की लंबी कतारें, बदइंतज़ामी और भ्रम की स्थिति देखने को मिली।
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सदन में तीखी चर्चा
लोकसभा में भी कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने मुद्दा उठाते हुए पूछा कि देश के लगभग हर एयरपोर्ट पर अव्यवस्था क्यों है। उन्होंने बढ़े हुए किराये और महंगी सुविधाओं का भी जिक्र किया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि उड्डयन मंत्री विस्तृत बयान आज या मंगलवार को सदन में देंगे। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इंडिगो सहित किसी भी एयरलाइन की गलती पर सख्त कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न पैदा हो और सभी कंपनियों के लिए एक मजबूत मिसाल कायम हो।