IndiGo Flight Crisis: इंडिगो की हजारों उड़ानें अचानक रद्द होने से देशभर में हड़कंप मच गया है। पिछले एक हफ्ते से लगभग हर एयरपोर्ट पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबी कतारें, देरी, कैंसिलेशन और बढ़ता हंगामा—इन सबके बीच अब सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि लाखों यात्रियों को हुई असुविधा का जवाब 24 घंटे में देना होगा।
यात्रियों की नाराज़गी पर सरकार का एक्शन
सरकार द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया कि CEO यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रहे। हजारों फ्लाइट रद्द होने से लोग अपने महत्वपूर्ण कामों, मेडिकल अपॉइंटमेंट, एग्ज़ाम और पारिवारिक कार्यक्रमों से चूक गए। कई जगहों पर यात्रियों ने एयरपोर्ट पर ही विरोध भी जताया। सरकार ने पूछा है कि जब स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी, तब एयरलाइन ने समय रहते समाधान क्यों नहीं दिया और यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं दी गई?
कार्रवाई का संकेत, 24 घंटे में जवाब अनिवार्य
नोटिस में यह भी साफ किया गया है कि इंडिगो प्रबंधन से जवाब न मिलने या जवाब असंतोषजनक होने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने पूछा है कि ऐसी लापरवाही और अव्यवस्था के लिए एयरलाइन और उसके शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों न की जाए? मंत्रालय ने संकेत दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी कंपनी को इस नियम के खिलाफ काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अब देखना यह है कि इंडिगो CEO इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और संकट से निपटने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।