Government update on LPG supply: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देश में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति पर ताजा जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर कमी या ड्राई-आउट की स्थिति नहीं है। साथ ही यह भी बताया गया कि लगभग 94 प्रतिशत डिलीवरी अब डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के माध्यम से की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है।
कमर्शियल एलपीजी सप्लाई में सुधार
सरकार के अनुसार, कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति पहले कुछ हद तक प्रभावित हुई थी, लेकिन अब इसमें तेजी से सुधार देखा जा रहा है। फिलहाल सप्लाई करीब 70 प्रतिशत तक बहाल हो चुकी है। हाल ही में एक दिन के भीतर 8,199 टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री दर्ज की गई, जो स्थिति में सुधार का संकेत है।
उपलब्धता बढ़ाई गई
सरकार ने 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाने पर खास जोर दिया है। 23 मार्च से अब तक 20 लाख से अधिक छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। वहीं, एक ही दिन में 80,000 से ज्यादा सिलेंडरों की बिक्री दर्ज की गई, जिससे यह साफ है कि छोटे उपभोक्ताओं के बीच इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
💠घरेलू #LPG की आपूर्ति सामान्य है और किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर कोई कमी (ड्राई-आउट) नहीं है। लगभग 94% डिलीवरी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के माध्यम से की जा रही है।
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) April 22, 2026
💠कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित रही है, लेकिन इसे लगभग 70% तक बहाल कर दिया गया है। कल एक दिन में 8,199 टन… pic.twitter.com/vmKXxU5KtM
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विशेष पहल
प्रवासी श्रमिकों तक एलपीजी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं। 3 अप्रैल से अब तक करीब 7,800 कैंप आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें लगभग 1.17 लाख सिलेंडरों का वितरण किया गया है। इस पहल से जरूरतमंदों तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिली है।
PNG कनेक्शन में भी तेजी
एलपीजी के साथ-साथ पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के विस्तार पर भी काम तेज किया गया है। मार्च से अब तक 5.10 लाख नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं, जबकि 2.5 लाख से अधिक कनेक्शनों के लिए आधारभूत ढांचा तैयार कर लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।