केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना में बदलाव को लेकर नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर देने की योजना बनाई गई है। इसके बाद निर्धारित शर्तों और चयन प्रक्रिया को पूरा करने वाले तथा सेना में सेवा जारी रखने के इच्छुक जवानों को नियमित भर्ती का मौका मिल सकता है। हालांकि, सभी अग्निवीरों की स्थायी बहाली की पुष्टि नहीं हुई है।
पहले से लागू है 25 फीसदी नियमित भर्ती का प्रावधान
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में 25 फीसदी अग्निवीरों को योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर नियमित सैन्य बलों में शामिल किया जाता है। बाकी 75 फीसदी जवान चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेवामुक्त होते हैं। प्रस्तावित बदलाव के तहत इन जवानों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर देने की बात कही गई है।
अतिरिक्त सेवा के बाद भी चयन जरूरी
बताए गए प्रावधानों के अनुसार, दो साल की अतिरिक्त सेवा पूरी होने के बाद सभी जवानों को अपने आप स्थायी नियुक्ति नहीं मिलेगी। नियमित सेना में शामिल होने के लिए उन्हें तय चयन मानदंडों को पूरा करना होगा। इसके अलावा जवानों की सहमति भी जरूरी होगी। यानी अतिरिक्त सेवा के बाद नियमित भर्ती का अवसर चयन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
2022 में शुरू हुई थी अग्निपथ योजना
केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती करने का प्रावधान किया गया। योजना के शुरुआती नियमों के मुताबिक, प्रत्येक बैच के 25 फीसदी अग्निवीरों को 15 साल की नियमित सेवा के लिए चुना जा सकता है।
तीन लाख से ज्यादा अग्निवीर दे रहे सेवा
रिपोर्ट के मुताबिक, अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए तीन लाख से अधिक जवान फिलहाल सशस्त्र बलों में सेवाएं दे रहे हैं। योजना को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि चार साल बाद सेवामुक्त होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों के भविष्य को लेकर स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। अब अतिरिक्त सेवा के प्रस्ताव को इसी चिंता से जोड़कर देखा जा रहा है।