Mohan Bhagwat: सरकारें बदलती हैं, धर्म स्थायी रहता है: मोहन भागवत
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Mohan Bhagwat: सरकारें बदलती हैं, धर्म स्थायी रहता है: मोहन भागवत
लोकसत्य
रविवार, 21 दिसंबर 2025 • 5:24 pm
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Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान हिंदू राष्ट्र, बाबरी विवाद, बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति और मदरसों में शिक्षा को लेकर अहम विचार रखे। उन्होंने कहा कि सरकारें समय के साथ आती-जाती रहती हैं, लेकिन धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों की निरंतरता बनी रहती है। भागवत ने बंगाल में बाबरी मस्जिद से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक करार देते हुए कहा कि इसे केवल चुनावी फायदे के लिए उठाया जा रहा है, जिससे समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होता है।
बाबरी मुद्दा और हिंदू राष्ट्र पर संघ प्रमुख का रुख मोहन भागवत ने स्पष्ट कहा कि मंदिर-मस्जिद से जुड़ा विवाद सुप्रीम कोर्ट में समाप्त हो चुका है और अब इसे दोबारा उठाना हिंदू-मुस्लिम दोनों समाजों के हित में नहीं है। उनके अनुसार, इस विषय को राजनीतिक हथियार बनाना सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाता है। हिंदू राष्ट्र के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान हिंदुत्व से जुड़ी है, लेकिन हिंदुत्व किसी एक परंपरा या पद्धति तक सीमित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदुओं के लिए भारत ही एकमात्र सुरक्षित और स्वाभाविक देश है, इसलिए समाज का एकजुट रहना बेहद जरूरी है।
बांग्लादेश के हिंदू और मदरसों की शिक्षा पर बयान संघ प्रमुख ने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वहां हालात कठिन हैं और जरूरतमंद हिंदुओं की सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत और दुनिया भर के हिंदुओं को अपनी सीमाओं में रहते हुए हर संभव सहयोग करना चाहिए। वहीं मदरसों को लेकर भागवत ने कहा कि आधुनिक और राष्ट्रवादी शिक्षा समय की आवश्यकता है। उन्होंने असम सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों को देश, समाज और आधुनिक ज्ञान से जोड़े।